Covid Vaccine Shortage: महाराष्ट्र में वैक्सीन की किल्लत, मुंबई में 71 केंद्रों पर टीकाकरण रुका
मुंबई। देश में कोरोना से सबसे प्रभावित राज्य महाराष्ट्र कोरोना वायरस वैक्सीन की भारी कमी से जूझ रहा है। राजधानी मुंबई में वैक्सीन डोज के कमी के चलते 70 से अधिक टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ा है। इनमें मुंबई के बेहद ही महत्वपूर्ण कामर्शियल क्षेत्र बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित वैक्सीनेशन सेंटर भी शामिल है। वैक्सीनेशन सेंटर बंद होने के चलते नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया है।
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120 में से 71 सेंटर पर वैक्सीन नहीं
वैक्सीनेशन सेंटर के डीन राजेश डेरे ने बताया "पहले दिन से ही हमें बफर स्टॉक के रूप में एक दिन पहले ही वैक्सीन मिलती रही थी, कल तक हमें पर्याप्त मात्रा में केंद्र के लिए टीके प्राप्त हुए थे। पिछली रात हम उम्मीद कर रहे थे कि आज की डोज मिल जाएगी लेकिन यह नहीं पहुंची। अब हमारे पास केवल 160 डोज बची हुई है।
बीएमसी के मुताबिक मुंबई में कोरोना वायरस टीकाकरण के लिए 120 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें से इस समय 71 केंद्रों पर वैक्सीन खत्म हो गई है।
इनमें से 49 केंद्र महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी के द्वारा संचालित किए जा रहे हैं इनमें से हर एक केंद्र पर 40 से 50 हजार लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
मुंबई मेयर किशोरी पेडनेकर ने बताया "बहुत सारे टीकाकरण केंद्र हैं जहां अब एक भी वैक्सीन नहीं है और वहां पर टीकाकरण बंद किया जा चुका है। मुझे पता चला है कि 76000 से 1 लाख वैक्सीन की डोज आज मुंबई पहुंचने वाली है लेकिन मेरे पास इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।"

नागपुर में सेंटर पर लगा वैक्सीन खत्म होने का नोटिस
मुंबई के साथ ही महाराष्ट्र के कई दूसरे शहरों में भी वैक्सीन की कमी की खबर सामने आई है। कोरोना वायरस से प्रभावित राज्य के प्रमुख शहर नागपुर में एक वैक्सीनेशन सेंटर पर लिखित नोटिस लगा दिया गया है कि वैक्सीन स्टॉक उपलब्ध नहीं है। सेंटर पर वैक्सीन लगवाने वाले एक व्यक्ति ने कहा "मैं अपनी दूसरी डोज के लिए आया ता लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने (मेडिकल स्टॉफ) ने मुझे बताया है कि उन्हें नहीं पता कि यह कब तक आएगी।"
महाराष्ट्र सरकार सबसे पहले वैक्सीन की कमी होने की बात सामने लेकर आई थी और कहा था कि इसके चलते उसे राज्य में मुंबई, सतारा, सांगली और पनवल में वैक्सीनेशन सेंटर को बंद करने पर मजबूर होना पड़ा है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को आरोप लगाता था कि महाराष्ट्र को आबादी की मुकाबले कम वैक्सीन दी जा रही हैं। उन्होंने इसकी तुलना में बीजेपी शासित गुजरात जैसे दूसरे राज्यों में अधिक वैक्सीन देने का आरोप लगाया था।

महाराष्ट्र ने लगाया था भेदभाव का आरोप
महाराष्ट्र में पिछले कई सप्ताह से देश में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। टोपे ने कहा है कि महाराष्ट्र को प्रति सप्ताह 40 लाख डोज और महीने में 1.6 करोड़ डोज की जरूरत है। उन्होंने कहा "महाराष्ट्र की आबादी गुजरात से दोगुनी है। गुजरात को एक करोड़ कोविड वैक्सीन की डोज मिली है और हमें (महाराष्ट्र) को भी एक करोड़ डोज मिली है।"
टोपे ने दावा किया कि जब उन्होंने केंद्र के द्वारा भेदभाव किए जाने की बात उठाई उसके बाद महाराष्ट्र के लिए डोज को 7 लाख से बढ़ाकर 17 लाख कर दिया गया ।
आरोपों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा था कि महाराष्ट्र सरकार अपनी कमियों से लोगों का ध्यान भटका रही है। हर्षवर्धन ने ट्वीट कर लिखा था कि राजस्थान और महाराष्ट्र टॉप-3 राज्यों में हैं जहां पर कोरोना वायरस वैक्सीन की सबसे ज्यादा सप्लाई की जा रही है। ये दोनों राज्य गैर बीजेपी शासित हैं।












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