Chunav Result 2024: क्या BJP के संपर्क में हैं उद्धव ठाकरे? प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया सच
Is Uddhav Thackeray in contact with BJP?: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे सामने आ चुके हैं, पीएम मोदी तीसरी बार पीएम बनने जा रहे हैं लेकिन इस बार बीजेपी खेमे में वो खुशी और ऊर्जा नहीं दिख रही है, जिसकी उम्मीद की गई थी।
वजह साफ है इस बार भाजपा के नंबर कम होना, पार्टी स्पष्ट बहुमत भी हासिल नहीं कर पाई औऱ मात्र 240 सीटों पर सिमट गई।

भाजपा को सबसे बड़ा झटका यूपी, महाराष्ट्र और राजस्थान में लगा है। फिलहाल इसी बीच खबर आ रही है कि शिवसेना (यूबीटी) उद्धव ठाकरे भाजपा के संपर्क में हैं। जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। जिस पर अब शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया एक्स ( पहले ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी है।
'PMO में बैठे उनके मीडिया सलाहकार जो...'
उन्होंने एक न्यूज चैनल का स्क्रीन शॉट शेयर करके लिखा है कि 'बीजेपी बीट से जुड़े पत्रकारों का सोर्स एक ही है - PMO में बैठे उनके मीडिया सलाहकार जो भाजपा का एजेंडा चला रहें हैं! उनको मैं कहना चाहती हूँ , अभी भी समय है, थोड़ा सुधार जाओ! जनता ने ही आपके सारे परोसे हुए झूठ को फेल किया है और बहुमत से दूर रखा है!'
' एक गोदी 'पत्रकार' का जीवन
इसके बाद उन्होंने दूसरा ट्वीट किया जिसमें उन्होंने तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट किया है कि ' एक गोदी 'पत्रकार' का जीवन
- प्रारंभ: 2019 में भाजपा को भारी बहुमत के साथ बड़ा जनादेश मिलेगा
- मध्य: अरे देखो! हम रोमांचित हैं क्योंकि एग्जिट पोल ने 'मोदी चश्मा' के साथ हमारी गोदी 'पत्रकारिता' को सही साबित कर दिया है
- अंत: कोई बहुमत नहीं? तो क्या हुआ हम नई अफ़वाहें फैलाएंगे कि शिवसेना यूबीटी एनडीए में वापस आ जाएगी। मोदी की जय हो
- मोये मोये। ये ना होये। आप रोये रोये। 😂
'भाजपा को देश की जनता में सबक सिखा दिया'
इसके बाद उन्होंने आदित्य ठाकरे के ट्वीट को री-ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा है कि 'देश ने हमारे संविधान को बदलने और लोकतंत्र को खत्म करने के भाजपा के प्रयासों को नकार दिया।चुनावों ने साबित कर दिया है कि हमारे देश में अहंकार के लिए कोई जगह नहीं है।अहंकार, तानाशाही, लोकतंत्र विरोधी ताकतें और हमारे संविधान के बजाय अपनी पार्टी की नियमावली लागू करने की चाहत रखने वालों को देश नकार देगा।दो बार प्रचंड बहुमत से 240 सीटों तक पहुंचना स्पष्ट रूप से कुशासन और अहंकार को नकारना है।
भाजपा ने आर्थिक ताकत और गौरव को खत्म किया
महाराष्ट्र में हमने देखा कि भाजपा ने हमारे राज्य को लूटा और इसकी आर्थिक ताकत और गौरव को खत्म किया।महाराष्ट्र विरोधी भाजपा को महाराष्ट्र के मतदाताओं ने नकार दिया है और यह इस साल फिर से देखने को मिलेगा।भारत के सभी मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि हमने अपने देश, अपने संविधान और अपने लोकतंत्र के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। एक मील का पत्थर हासिल किया गया है और जब तक हम इसे पूरी तरह हासिल नहीं कर लेते, तब तक लड़ाई खत्म नहीं होगी।'
क्या कह रही है मीडिया रिपोर्ट?
मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उद्धव ठाकरे आपस में मिले हैं क्योंकि बहुमत ना होने से अब बीजेपी सहयोगियों में निर्भर हो गई है। इसी वजह से वो पुराने दलों को अपने साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं।












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