मुंबई में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गये CGST के सुपरिटेंडेंट, 3 आरोपी गिरफ्तार
Mumbai CBI Action: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 60 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में मुंबई में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (एसटी) की एंटी-इवेशन विंग के एक अधीक्षक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये गिरफ्तारियां रविवार को की गईं हैं ।
अधीक्षक सचिन गोकुलका, चार्टर्ड अकाउंटेंट राज अग्रवाल और अभिषेक मेहता को कथित तौर पर 20 लाख रुपये की आंशिक रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। सीबीआई ने मुंबई में छह सीजीएसटी अधिकारियों के खिलाफ शिकायत के आधार पर मामला शुरू किया था।

शिकायत में अतिरिक्त आयुक्त दीपक कुमार शर्मा, संयुक्त आयुक्त राहुल कुमार और चार अधीक्षकों गोकुलका, बिजेंद्र जनवा, निखिल अग्रवाल और नितिन कुमार गुप्ता को शामिल किया गया था। अग्रवाल और मेहता भी मामले में शामिल थे।
एक व्यवसायी ने दावा किया कि उसे 4 सितंबर को सांताक्रूज़ सीजीएसटी कार्यालय में रात भर हिरासत में रखा गया था। 5 सितंबर को 18 घंटे बाद उसे रिहा कर दिया गया। हिरासत के दौरान, गोकुलका ने कथित तौर पर उसे गिरफ्तार न करने के लिए 80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जिसे बाद में घटाकर 60 लाख रुपये कर दिया गया।
सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि तीन अन्य सीजीएसटी अधीक्षकों ने गोकुलका के साथ मिलकर शिकायतकर्ता पर बल प्रयोग और गाली-गलौज के जरिए दबाव बनाया। शिकायतकर्ता को चल रही जांच में अनुकूल व्यवहार के लिए रिश्वत की मांग के बारे में अपने चचेरे भाई को फोन करने के लिए मजबूर किया गया।
चचेरे भाई ने अग्रवाल से संपर्क किया, जिन्होंने फिर अन्य आरोपी व्यक्तियों और संयुक्त आयुक्त कुमार सहित वरिष्ठ सीजीएसटी अधिकारियों से संपर्क किया। अग्रवाल और मेहता ने रात के दौरान सीजीएसटी अधिकारियों के साथ रिश्वत की रकम पर बातचीत की। रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा
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रिश्वत की रकम 60 लाख रुपये पर तय हुई थी, जिसमें से 30 लाख रुपये कथित तौर पर शिकायतकर्ता के चचेरे भाई ने हवाला के जरिए दिए थे। इस भुगतान के बाद ही शिकायतकर्ता को सीजीएसटी कार्यालय से बाहर जाने दिया गया। सीबीआई ने अग्रवाल को सीजीएसटी अधिकारियों की ओर से 20 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
इसके अलावा रिश्वत की नियंत्रित डिलीवरी की व्यवस्था की गई ताकि अन्य आरोपी व्यक्ति इसे गोकुलका के माध्यम से सीजीएसटी अधिकारियों तक पहुंचा सकें। इन कार्यवाहियों के दौरान, गोकुलका ने रिश्वत लेने के लिए एक अन्य आरोपी व्यक्ति को मुंबई के ओशिवरा पुलिस स्टेशन के पास मिलने के लिए बुलाया।10 सितंबर तक पुलिस हिरासत में आरोपी सीबीआई ने इन ट्रैप कार्यवाही के दौरान रिश्वत लेने में शामिल तीनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
उन्हें मुंबई में सीबीआई मामलों की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने अधीक्षक गोकुलका और सीए अग्रवाल को 10 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है । अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आरोपियों से जुड़े नौ ठिकानों पर छापेमारी की। इन छापेमारी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।
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