महाराष्ट्र: हत्या के प्रयास के मामले में भाजपा विधायक नितेश राणे की अग्रिम जमानत पर फैसला 17 जनवरी को
महाराष्ट्र: भाजपा विधायक नितेश राणे की अग्रिम जमानत पर फैसला 17 जनवरी को
मुंबई, 13 जनवरी: भारतीय जनता पार्टी के विधायक और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे की अग्रिम जमानत की अर्जी पर बॉम्बे हाईकोर्ट 17 जनवरी को फैसला सुनाएगी। नितेश राणे ने अपने खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास एक मामले में अग्रिम जमानत मांगी है। गुरुवार को उनकी अर्जी पर सुनवाई करते हु्ए अदालत ने कह सोमवार (17 जनवरी) को अपना फैसला सुनाएगी।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हालांकि कंकावली विधायक नितेश राणे को बड़ी राहत देते हुए महाराष्ट्र सरकार को कहा है कि राणे के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई फिलहाल नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि बीजेपी विधायक नितेश राणे के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने का उसका आदेश का सोमवार, 17 जनवरी तक जारी रहेगा।
सिंधुदुर्ग में दर्ज है मामला
नितेश राणे के खिलाफ सिंधुदुर्ग जिले के कंकावली पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा- 307 (हत्या का प्रयास) और 120(बी) (आपराधिक साजिश) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। सिंधुदुर्ग जिले की सत्र अदालत में नितेश राणे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई थी। जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत की मांग की है।
क्या है राणे के खिलाफ मामला
नितेश राणे के खिलाफ संतोष परब नाम के शख्स ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया है। परब का आरोप है कि कंकावली में नरवदे नाका के पास वह बाइक पर जा रहा था तो इनोवा कार ने उसको टक्कर मारी और उसे अपने साथ दूर तक घसीटते हुए ले गई। इसके बाद उसे जान से मारने की कोशिश की गई। उसका कहना है कि उसने हमलावर का नाम गोते सावंत और नितेश राणे सुना।
राणे ने कहा- आरोप बेबुनियाद
इस मामले पर नितेश राणे और उनके वकील का कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद है। शिकायत दर्ज कराने वाला शिवसेना का कार्यकर्ता है और राज्य सरकार के इशारे पर उनके खिलाफ ये कार्रवाई हो रही है। उनके वकील ने कहा कि राणे ने एक शिवसेना नेता को चिढ़ाया था, जिसके बाद उन पर ये कार्रवाई की गई है।












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