BMC Elections: भाजपा-शिवसेना ने किया विश्वासघात, अब अठावले का ये कदम बढ़ाएगा टेंशन
BMC Elections: मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 से पहले महाराष्ट्र की महायुति में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। सीट बंटवारे को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के केंद्रीय अध्यक्ष और मंत्री रामदास आठवले ने अपने सहयोगी दलों, भाजपा और शिंदे शिवसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस घटनाक्रम को 'विश्वासघात' करार देते हुए गठबंधन को अल्टीमेटम दिया है।
आठवले ने कड़े शब्दों में कहा, "यह केवल समय की बर्बादी नहीं, बल्कि हमारे स्वाभिमान पर किया गया हमला है।" उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा और शिंदे शिवसेना को निशाने पर लेते हुए महायुति पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

जानकारी के मुताबिक मुंबई महानगरपालिका की कुल 227 सीटों में से बीते सोमवार रात भाजपा और शिंदे गुट के बीच सीट-बंटवारे का फॉर्मूला तय हुआ। इसके तहत, भाजपा 137 और शिंदे शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालाँकि, इस घोषित बंटवारे में RPI को एक भी सीट नहीं मिली, जिससे रामदास आठवले ने गहरी नाराजगी जताई है। RPI ने 16 सीटों की मांग की थी, लेकिन आखिरी क्षण तक उन्हें लटकाए रखा गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है।
अठावले बोले- ये सरासर विश्वासघात है
केंद्रीय मंत्री आठवले ने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सार्वजनिक की। उन्होंने लिखा, "महायुति के गठन से ही हम पूरी ईमानदारी और दृढ़ता के साथ सहयोगी दलों के साथ खड़े रहे हैं, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर आज जो हुआ है, वह सरासर विश्वासघात है।"
अठावले ने दी चेतावनी- अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करूंगा
अठावले ने आगे बताया, "चर्चा के लिए कल शाम 4 बजे का समय तय किया गया था, लेकिन मित्र दलों ने इसका भी पालन नहीं किया। यह केवल समय की बर्बादी नहीं, बल्कि हमारे स्वाभिमान पर गहरा आघात है।" आठवले ने चेतावनी दी, "मुंबई महानगरपालिका चुनाव नजदीक हैं, और मैं अपने कार्यकर्ताओं का यह अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करूँगा। इसलिए, आज मेरे कार्यकर्ता जो भी निर्णय लेंगे, वह मुझे पूरी तरह स्वीकार होगा।"
अठावले की पार्टी ने लिया ये फैसला
आरपीआई (ए) के ने मंगलवार को अपने 29 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। जिसके चलते एनडीए का वोट अब तीन हिस्सों में बंट गया है। महायुति में शामिल अजित पवार की पार्टी भी बीएमसी चुनाव अकेले दम पर लड़ रही है। वहीं महायुति में शामिल शिवसेना-भाजपा साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। यानी बीएमसी चुनाव एनडीए गठबंधन के शामिल ये चारों पार्टियों चुनाव मैदान में आमने-सामने होंगी।
अठावले ने 29 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करते हुए एक्स पर पोस्ट में लिखा- रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए अपने सभी अधिकृत उम्मीदवारों को बधाई और प्रचंड विजय की शुभकामनाएं।
पार्टी के एक सूत्र ने बताया, ''नामांकन वापस लेने के लिए अभी भी समय है। हम देखेंगे कि क्या सम्मानजनक चर्चा होती है और नामांकन वापस लेने या सौहार्दपूर्ण चुनाव लड़ने का निर्णय लिया जाता है। तब तक, हम अकेले ही 50 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं।''
'हमारी पार्टी जिसके साथ खड़ी होती है,उसे ही सत्ता मिलती है'
रामदास आठवले ने अपनी पार्टी की ताकत पर ज़ोर देते हुए कहा है, "हमारा दल जिसके साथ खड़ा होता है, सत्ता उसी को मिलती है - यह इतिहास गवाह है।" RPI ने महायुति को 26 वार्डों की सूची सौंपी थी, जिनमें से कम से कम 16 सीटें मिलना उनकी प्रमुख मांग है।
अठावले की नाराजगी पर क्या बोली भाजपा?
दूसरी ओर, भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने स्थिति को संभालने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने आठवले के संविधान निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। यह कवायद RPI की नाराजगी को कम करने और गठबंधन में स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
दरेकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "आठवले साहब की नाराजगी में भी प्रेम छुपा होता है।" उन्होंने यकीन दिलाया कि सीट बंटवारे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। दरेकर के अनुसार, "मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खुद इस मामले पर ध्यान दे रहे हैं और RPI को सम्मानजनक सीटें दी जाएंगी।"याद रहे अठावले की आरपीआई केंद्र सरकार में एनडीए की सहयोगी पार्टी है।












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