Baramati by-Election: कांग्रेस ने वापस लिया उम्मीदवार आकाश मोरे का नाम, सुनेत्रा पवार की क्या जीत हुई पक्की?
Baramati by-Election: महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने उम्मीदवार आकाश विश्वनाथ मोरे का नाम वापस लेने का निर्णय लिया है। कांग्रेस के इस फैसले के बाद बारामती के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी नेतृत्व ने राज्य इकाई को उम्मीदवार का नामांकन वापस लेने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कांग्रेस प्रत्याशी गुरुवार को दोपहर तीन बजे से पहले अपना नामांकन पत्र आधिकारिक रूप से वापस ले लेंगे।

सुनेत्रा पवार की क्या बारामती में जीत हुई पक्की?
हालांकि कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवार का नाम वापस लिए आने के बाद दिवंगत अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का बारामती सीट से विधायक चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन अभी भी इसमें पेंच फंसा हुआ है। कांग्रेस के अलावा 50 से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है ऐसे में सुनेत्रा पवार का निर्विरोध विधायक चुना जाएगी ये दावा नहीं किया जा सकता।
क्या कहता है नियम?
याद रहे 9 अप्रैल यानी आज नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) और शिवसेना (UBT) ने पहले ही उनके खिलाफ उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया था। वहीं आज कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार का नाम वापस लेने का ऐलान कर दिया है। यदि 9 अप्रैल को शाम 3 बजे की समय सीमा तक बाकी सभी निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के उम्मीदवारों ने भी नाम वापस ले लिए हैं, तो उन्हें निर्विरोध (Unopposed) चुना जा सकता है। लेकिन अगर नाम वापसी की तारीख बीतने के बाद दो से अधिक उम्मीदवार अगर चुनाव मैदान में हुए तो उपचुनाव होगा।
कांग्रेस ने एडवोकेट आकाश मोरे को बनाया था उम्मीदवार
गौरतबल है कि कांग्रेस ने पहले बारामती उपचुनाव के लिए प्रसिद्ध अधिवक्ता आकाश मोरे को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा 5 अप्रैल, 2026 को की गई थी। हालांकि, अब पार्टी ने एक रणनीतिक फैसला लेते हुए इस चुनावी दौड़ से हटने का निर्णय लिया है।
बारामती है अजित पवार का गढ़
बारामती सीट पवार परिवार का एक मजबूत राजनीतिक गढ़ रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस सीट पर लगातार आठ बार जीत दर्ज की थी, जिससे इस क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ साबित होती है। साल 2024 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने 24 उम्मीदवारों, जिनमें उनके भतीजे योगेंद्र पवार भी शामिल थे, के खिलाफ 1 लाख 81 हजार से अधिक मतों की बड़ी बढ़त के साथ जीत हासिल की थी।












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