हिंदुओं पर अत्याचार! बांग्लादेश क्रिकेट टीम को भारत दौरे की इजाजत देने पर गुस्साए ठाकरे
Maharashtra News: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम के भारत दौरे को लेकर केंद्र सरकार और बीसीसीआई की आलोचना की है। आदित्य ठाकरे ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की खबरों के बीच बांग्लादेश के प्रति केंद्र सरकार की ऐसी नरमी पर चिंता व्यक्त की और क्रिकेट टीम की मेजबानी करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
आदित्य ठाकरे ने अपने एक्स अकाउंट पर बांग्लादेश में हुई हिंसा की खबरों के बीच बीसीसीआई द्वारा बांग्लादेश क्रिकेट टीम की मेजबानी करने के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया है। आदित्य ठाकरे के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस छिड़ चुकी है।

आदित्य ठाकरे ने हिंसा के खिलाफ अभियान चलाने वालों की चुप्पी को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया और पूछा कि क्या उनकी सक्रियता वास्तविक है या फिर यह भारत में नफरत को बढ़ावा देने और राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की एक रणनीति मात्र है।
हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा तो क्यों दी गई अनुमति
आदित्य ठाकरे ने अपनी पोस्ट में लिखा "अब मैं विदेश मंत्रालय से यह जानने को उत्सुक हूं कि क्या पिछले 2 महीनों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें सच हैं, जैसा कि कुछ मीडिया और सोशल मीडिया में लगातार कहा जा रहा है? यदि यह सच है, तो जब बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है, तो उनकी क्रिकेट टीम को भारत आने की अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार पर कौन दबाव डाल रहा है?"
भाजपा द्वारा रचा गया कोई 'जुमला' तो नहीं
आदित्य ठाकरे ने आगे लिखा और अगर ये खबरें फर्जी हैं तो सोशल मीडिया के जरिए फैली ये खबर (बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर अत्याचार!) भारत में चुनाव जीतने और समाज में कलह पैदा करने के लिए बीजेपी द्वारा रचा गया कोई 'जुमला' तो नहीं है?
कहाँ गया उनका हिंदुत्व?
ठाकरें ने आगे लिखा यदि बांग्लादेश में वास्तव में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है, तो भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अपनी ही क्रिकेट टीम को क्यों परेशान कर रही है? कहां गया उनका हिंदुत्व? या उनका हिंदुत्व सिर्फ चुनाव के लिए है? क्या यह अनुवाद सटीक था? हमें प्रतिक्रिया दें ताकि हम सुधार कर सकें।












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