एंटीलिया केस: जिस दिन स्कॉर्पियो गायब हुई, उस दिन मनसुख हिरेन के साथ क्यों थे सचिन वाजे

मुंबई: उद्योगपति मुकेश अंबानी को धमकी देने और उनके घर के बाहर विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो पार्क करने का मकसद अभी तक साफ नहीं हुआ है, लेकिन इस घटना के मुख्य संदिग्ध सचिन वाजे को लेकर खुलासों का दौर जारी है। अब एनआईए और एटीएस को सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि 17 फरवरी को स्कॉर्पियो मालिक मनसुख हिरेन कम से कम 10 मिनट तक सचिन वाजे के साथ थे। गौरतलब है कि हिरेन ने पहले बताया था कि उनकी कार इसी दिन सड़क से किसी ने गायब कर दी थी, जो उन्होंने खराबी आने की वजह से खड़ी कर दी थी। जानकारी के मुताबिक उस दिन हिरेन और वाजे के बीच कई बार मोबाइल पर बात होने का भी संदेह है, जिसकी छानबीन जारी है।

17 फरवरी को 10 मिनट तक हिरेन के साथ थे सचिन वाजे

17 फरवरी को 10 मिनट तक हिरेन के साथ थे सचिन वाजे

नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने गुरुवार को दो और लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं, जिसे मुंबई पुलिस के गिरफ्तार असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे इस्तेमाल कर रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक इनमें से एक कार 'प्राडो' है, जो रत्नागिरि के शिवसेना नेता विजयकुमार गणपत भोसले के नाम रजिस्टर्ड है। जबकि, दूसरी कार मर्सिडीज बेंज है। तीन दिन पहले भी एनआईए ने एक मर्सिडीज बरामद की थी, जो वाजे दफ्तर आने-जाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे और उसमें से 5 लाख रुपये कैश, कैश गिनने वाली मशीन और वारदात से जुड़े कुए और अहम सबूत मिले थे। इस बीच एनआईए और एटीएस की जांच में कुछ सीसीटीवी तस्वीरें सामने आई हैं, जो कि 17 फरवरी, 2021 की हैं। इसमें हिरेन और वाजे जीपीओ के पास मर्सिडीज में 10 मिनट तक बातें करते दिखाई दे रहे हैं।

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    सीसीटीवी फुटेज में ग्रीन सिग्नल पर भी गाड़ी रोके दिखे वाजे

    सीसीटीवी फुटेज में ग्रीन सिग्नल पर भी गाड़ी रोके दिखे वाजे

    सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के पास मुख्य सिग्नल ग्रीन होने के बावजूद वाजे ने कार आगे नहीं बढ़ाई और पार्किंग लाइट ऑन करके हिरेन के आने का इंतजार करते रहे। गौरतलब जब अंबानी के घर के बाहर मिली स्कॉर्पियो का लिंक कारोबारी हिरेन से जुड़ा था तो उन्होंने मीडिया से कहा था कि उनकी कार 17 तारीख को हाइवे से गायब हो गई थी। बाद में उनकी हत्या हो गई थी और विस्फोटक रखने और उनकी हत्या दोनों मामले में वाजे ही सबसे बड़े संदिग्ध बन गए। हिरेन ने दावा किया था कि उनकी स्कॉर्पियो खराब हो गई थी, इसलिए उसे रोड पर ही छोड़कर वह ओला कैब से साउथ मुंबई के लिए निकले थे। सीसीटीवी से पता चलता है कि वाजे मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर से उस दिन मर्सिडीज में निकले थे और छत्रपित शिवाजी महाराज टर्मिनस के मेन ट्रैफिक सिग्नल के पास काफी देर खड़े थे। बाद में उनकी गाड़ी जीपीओ के सामने खड़ी दिखी और 10 मिनट बाद उसमें से हिरेन निकले और वाजे की मर्सिडीज फिर से पुलिस हेडक्वार्टर के अंदर चली गई।

    एंटीलिया विस्फोटक केस का मकसद अभी भी राज है

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    सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में उस ओला ड्राइवर ने एटीएस के अधिकारियों को बताया है कि उस दिन रास्ते में हिरेन को 5 बार फोन आया था। माना जा रहा है कि वह फोन वाजे ने ही किया था और हिरेन से पुलिस मुख्यालय के सामने रूपम शोरूम के बाहर मिलने को कहा था। लेकिन, अंतिम फोन में उन्होंने उसे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पास बुला लिया। उधर एनआईए ने गुरुवार को क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट के दो और लोगों का बयान दर्ज किया है, जो वाजे के साथ काम कर रहे थे। इन्हें मिलाकर इस यूनिट के 9 लोगों का बयान लिया जा चुका है। इस बीच खबरें हैं कि एनआईए को अंबानी के घर के बाहर पार्क की गई विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियों की चाबी भी हाथ लग गई है। इस मामले की जांच में एनआईए को कई अहम सबूत और सबसे बड़ा संदिग्ध तो हाथ लग चुका है, लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि अबतक इतने बड़े गुनाह का मकसद का खुलासा नहीं हो पाया है, जिसके सियासी लिंक होने की भी संदेह जताई जा रही है।

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