Ajit Pawar Plane Crash: लैंडिंग से ठीक पहले पायलट ने ATC से क्या कहा? सरकार ने बताया बारामती हादसे का पूरा सच
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए 28 जनवरी 2026 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। पुणे के बारामती एयरपोर्ट पर हुए एक भीषण विमान हादसे ने राज्य के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी (अजित गुट) के प्रमुख अजित पवार (Ajit Pawar) को हमसे हमेशा के लिए छीन लिया। सुबह की धुंध और तकनीकी खराबियों के बीच हुआ यह हादसा इतना भयावह था कि इसमें सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए (DGCA) की शुरुआती रिपोर्टों ने इस पूरी घटनाक्रम की जो परतें खोली हैं, वे दिल दहला देने वाली हैं। एक अनुभवी पायलट, आधुनिक विमान और अपनी कर्मभूमि बारामती में लैंडिंग की कोशिश-सब कुछ सही लग रहा था, लेकिन कुदरत और तकनीक के क्रूर संयोग ने 'अजित दादा' के तीन दशकों के राजनीतिक सफर का अचानक अंत कर दिया।

Ajit Pawar Plane Crash: कोहरे ने बढ़ाई मुश्किल, रनवे नहीं आया नजर?
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा शेयर की गई विस्तृत जानकारी के अनुसार, हादसे का सबसे बड़ा कारण खराब दृश्यता (Visibility) और घना कोहरा माना जा रहा है। मंत्रालय ने बताया कि हादसे से कुछ मिनट पहले पायलट ने एयरपोर्ट कंट्रोल से संपर्क किया था। पायलट ने सूचित किया था कि अत्यधिक कोहरे के कारण रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है।
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ध्यान देने वाली बात है कि बारामती एक 'अनियंत्रित हवाई पट्टी' (Uncontrolled Airfield) है, जहां पूर्णकालिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम मौजूद नहीं होता। यहां अक्सर स्थानीय फ्लाइंग क्लब के इंस्ट्रक्टर्स ही पायलटों को सलाह देते हैं।
Ajit Pawar: उड़ान की टाइमलाइन
हादसे वाले दिन विमान VI-SSK (Learjet 45) की गतिविधियों का क्रम कुछ इस प्रकार रहा-
सुबह 08:18 बजे: विमान ने पहली बार बारामती एयरपोर्ट से संपर्क साधा।
पुणे से दूरी: जब पुणे एप्रोच ने विमान को छोड़ा, तब वह बारामती से करीब 30 नॉटिकल मील दूर था।
अनुमति: पायलट को अपनी समझ (Visual Meteorological Conditions) से नीचे उतरने की अनुमति दी गई। उस समय हवा शांत थी और दृश्यता करीब 3,000 मीटर बताई गई थी।
Ajit Pawar Plane Crash: पहली कोशिश नाकाम और 'गो-अराउंड'
विमान ने रनवे 11 पर उतरने का प्रयास किया, लेकिन पायलट ने रिपोर्ट दी कि उन्हें रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बाद विमान ने 'गो-अराउंड' (दोबारा चक्कर लगाना) किया। दूसरी बार फाइनल अप्रोच पर पायलट ने रनवे दिखने की पुष्टि तो की, लेकिन जब 08:43 बजे लैंडिंग की अंतिम अनुमति दी गई, तब पायलट की ओर से कोई उत्तर (Readback) नहीं मिला।
Ajit Pawar Plane Crash: तबाही का मंजर
सुबह 8:44 बजे रनवे 11 के पास अचानक आग की लपटें और धुएं का गुबार देखा गया। बचाव दल जब तक मौके पर पहुँचा, विमान पूरी तरह तबाह हो चुका था। मलबे की स्थिति से पता चला कि विमान रनवे के बाईं ओर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अब इस मामले की गहन जांच कर रहा है।
विमान में सवार पांचों लोगों का दुखद अंत
इस चार्टर्ड विमान में कुल 5 लोग सवार थे, जिनमें से कोई भी जीवित नहीं बचा-
अजित पवार: उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
कैप्टन सुमित कपूर: पायलट (15,000+ घंटे का अनुभव)
कैप्टन शांभवी पाठक: को-पायलट
विदिप जाधव: सुरक्षा अधिकारी (PSO)
पिंकी माली: सहायक/क्रू मेंबर
Ajit Pawar: 'अजित दादा' का राजनीतिक सफर
22 जुलाई 1959 को जन्मे अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र बिंदु थे। 1982 में सहकारी चीनी कारखाने से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के पद तक ले गया। वे न केवल बारामती के विकास के पर्याय थे, बल्कि अपनी प्रशासनिक पकड़ और स्पष्टवादिता के लिए भी जाने जाते थे। उनके आकस्मिक निधन ने पत्नी सुनेत्रा पवार और बेटों पार्थ व जय पवार के साथ-साथ करोड़ों समर्थकों को गहरा सदमा दिया है।
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