अजित पवार ने दिल्ली में अमित शाह से की मुलाकात, महाराष्ट्र चुनाव के लिए कर दी 80-90 सीटों की डिमांड
Ajit Pawar s meeting with Amit Shah: महाराष्ट्र के आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सत्तारूढ महायुति गठबंधन में शामिल राजनीतिक दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीज तेज हो चुकी है। वहीं इस सबके बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली जाकर मुलाकात की और अपनी एनसीपी के लिए 80-90 सीटों की मांग कर दी है।

इसके साथ ही अजित पवार ने अमित शाह से लोकसभा चुनाव के दौरान हुई देरी से बचने के लिए महायुति के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आग्रह किया है।
अजित पवार की इन विधानसभा सीटों पर है निगाह
बता दें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार आगामी महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव में अपनी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के लिए 80-90 सीटें जीतने की कोशिश कर रहे हैं। उनका खास ध्यान 2019 के विधानसभा चुनावों में अविभाजित एनसीपी द्वारा जीती गई 54 सीटों को हासिल करने पर है। इसके अलावा अजित पवार का लक्ष्य पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र (खानदेश) जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस के खिलाफ 20 सीटों पर चुनाव लड़ना है।
शाह से अजित पवार से की ये गुजारिश
अमित शाह के साथ हुई इस बैठक में अजित पवार ने सीटों के बंटवारे को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर जोर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिरी समय तक "अटकने" से बचना चाहिए।
मुंबई की इन सीटों पर भी है अजित पवार की निगाह
सूत्रों के अनुसार अजित पवार मुंबई की 4-5 सीटों पर चुनाव अपनी पार्टी के उम्मीदवार को खड़ा करना चाहते हैं। खासकर वो सीटें जहां मुख्य रूप से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र हैं, चहां पर कांग्रेस के खिलाफ अजित पवार अपनी एनसीपी के उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारना चाहते हैं।
फडणवीस भी पहुंचे दिल्ली
वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के लिए सुबह-सुबह दिल्ली पहुंच गए। इससे महायुति गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत तेज होने का संकेत मिलता है।
100 सीटों की मांग कर रहे हैं एकनाथ शिंदे
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला शिवसेना गुट 100 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए दृढ़ है, जबकि भाजपा ने 160 से 170 सीटों पर अपनी नज़रें टिकाई हैं। अब चुनौती यह है कि ये तीनों प्रमुख घटक दल कुल 288 विधानसभा सीटों के लिए एक-दूसरे को कैसे समायोजित करेंगे।
लोकसभा चुनाव में भाजपा का बहुत खराब रहा प्रदर्शन
बता दे हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में भाजपा का बहुत खराब प्रदर्शन रहा। भाजपा 28 सीटों पर चुनाव लड़कर केवल 9 सीटें ही जीत पाई, जबकि भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 23 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं अजित पवार की अगुआई वाली एनसीपी को सिर्फ़ एक सीट, रायगढ़, मिली जबकि शरद पवार के गुट ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में आठ सीटें जीतीं।
एनसीपी में पड़ रही फूट
अजित पवार के लिए स्थिति और भी जटिल हो गई है क्योंकि पिंपरी-चिंचवाड़ इकाई के शहर अध्यक्ष सहित पुणे के 28 एनसीपी नेता पार्टी छोड़कर एनसीपी (एसपी) में शामिल हो गए हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, अजित पवार को तीन निर्दलीय विधायकों और तीन कांग्रेस विधायकों को अपनी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ाने का पूरा भरोसा है।












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