Ajit Pawar Bodyguard: मौत के बाद भी साथ न छोड़ा, अब सरकार से क्या चाहता है डिप्टी CM के बॉडीगार्ड का परिवार?
Ajit Pawar Bodyguard: महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार (28 जनवरी 2026) को हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना में डिप्टी अजित पवार के साथ उनके सबसे भरोसेमंद बॉडीगार्ड (PSO) विदीप जाधव का भी निधन हो गया।
वफादारी ऐसी कि विदीप ने आखिरी सांस तक अपने नेता का साथ नहीं छोड़ा। इस दुखद खबर के बाद जब मीडिया ठाणे के विटावा स्थित उनके घर पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया।

घर पर लटका ताला, पड़ोसियों की आंखों में आंसू
एनडीटीवी मराठी कि रिपोर्ट के अनुसार, विदीप जाधव विटावा के 'श्रीकृष्ण विहार' में एक किराए के मकान में रहते थे। हादसे के बाद उनके घर पर ताला लटका मिला, लेकिन पड़ोसियों की सिसकियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। पड़ोसियों और दोस्तों ने बताया कि विदीप केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि एक बेहद नेक और मिलनसार इंसान थे, जो हमेशा अपने काम से काम रखते थे।
सुबह हंसकर ड्यूटी पर निकले थे
पड़ोसी श्रुति वालकर ने उस मनहूस सुबह को याद करते हुए बताया कि, 'सुबह ही हमने विदीप को अपनी बाइक पर ड्यूटी के लिए निकलते देखा था। वह हमेशा की तरह फिट और अलर्ट दिख रहे थे। लेकिन महज दो-तीन घंटे बाद ही खबर आई कि 'दादा' (अजित पवार) के साथ विदीप भी अब हमारे बीच नहीं रहे।'
विदीप के परिवार में कौन-कौन है?
विदीप जाधव के परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दो मासूम बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य के चले जाने से पूरा परिवार बिखर गया है।
2009 से 'साये' की तरह साथ थे विदीप
विदीप दिलीप जाधव साल 2009 से मुंबई पुलिस बल में तैनात थे। पिछले कई वर्षों से वे अजित पवार के साथ साये की तरह रहते थे। अजित पवार की हर जनसभा, हर दौरे और हर वीआईपी मूवमेंट में विदीप उनकी सुरक्षा की सबसे मजबूत कड़ी थे। अनुशासन और सतर्कता उनकी पहचान थी, और अंत तक उन्होंने अपनी ड्यूटी निभाई।
पड़ोसियों ने सरकार से की ये 'बड़ी मांग'
विदीप के जाने से विटावा इलाके में भारी गुस्सा और दुख है। उनके पड़ोसी सुशांत सूर्यराव और ऋषिकेश ने सरकार और प्रशासन के सामने दो टूक मांग रखी है:
1. सख्त कार्रवाई: इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच हो और जिस प्राइवेट विमान कंपनी की लापरवाही से यह क्रैश हुआ, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
2. सम्मान और मुआवजा: विदीप ने ड्यूटी पर रहते हुए शहादत दी है। उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को तत्काल बड़े मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा करनी चाहिए।












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