24 घंटों में पलटा महाराष्ट्र की सियासी चौसर का खेल, पवार की पावर से NCP की घड़ी का समय अच्छा! जानिए कहानी
महाराष्ट्र की राजनीति के बारे में पूर्वानुमान कई बार गलत साबित हुए हैं। NCP चीफ शरद पवार को इस तटीय राज्य की सियासी हलचल को पढ़ने और भांपने में माहिर माना जाता है। महाराष्ट्र में 24 घंटों में कैसे पलटी पूरी बाजी, जानिए

Ajit Pawar BJP में जाएंगे। NCP का दामन छोड़कर कमल थामने की कयासबाजी उस समय अफवाह साबित हुई, जब खुद अजीत मीडिया के सामने आए। एक बार फिर अजीत इफ्तार पार्टी में दिखने के कारण चर्चा में हैं।
NCP की कहानी: कांग्रेस से अलगाव और फिर साथ
असल में महाराष्ट्र की राजनीति में कई बार अप्रत्याशित बदलाव हुए हैं। ऐसा ही एक बदलाव महा विकास अघाड़ी (MVA) को माना गया था क्योंकि, बरसों पहले कांग्रेस से अलग होकर NCP का गठन हुआ। इसके बावजूद NCP ने कांग्रेस के साथ सरकार बनाई।
24 घंटे में बदला सियासी चौसर का खेल
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की आधारशिला रखने वाले राजनेता शरद पवार ने शिवसेना और कांग्रेस के सहयोग वाली सरकार बनाने में अहम रोल निभाया, लेकिन ताजा घटनाक्रम उनके भतीजे अजीत पवार से जुड़ा है। हालांकि, 24 घंटे में सियासी चौसर का खेल बदल भी गया।
तीन साल पहले सूर्योदय से पहले शपथ
अजीत पवार की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि 2019 में उनके साथ मुख्यमंत्री बने दिग्गज भाजपाई देवेंद्र फडणवीस को अल्पमत वाली सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था। आनन-फानन में सूर्योदय से पहले शपथ के कारण बीजेपी की जमकर किरकिरी भी हुई थी।
पवार का पैनिक कंट्रोल
अब जबकि 18 मार्च को 24 घंटों में महाराष्ट्र की सियासी चौसर का खेल पलट गया तो इसके पीछे शरद पवार की भूमिका मानी गई। NCP विधायकों के साथ दल बदलने की अटकलों के बावजूद कमाल का धैर्य दिखाने वाले पवार को पैनिक में नहीं देखा गया।

इफ्तार पार्टी में चाचा-भतीजा
अगले दिन महाराष्ट्र की राजनीति पर हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में शरद पवार और अजीत की तस्वीर सामने आई। इफ्तार पार्टी की इस फोटो में पार्टी में फूट की कयासबाजी के बावजूद दोनों चाचा-भतीजा काफी सहज भी दिखे।
NCP में दरार की अटकलें और सांसद बेटी सुप्रिया
अजीत पवार के साथ मंगलवार की रात मुंबई में एनसीपी की इफ्तार पार्टी हुई। चाचा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनकी सांसद बेटी सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। NCP में दरार की अटकलों के बीच सभी एक मंच पर दिखे।
UP में असद के एनकाउंटर का जिक्र
इफ्तार पार्टी में शरद पवार ने 'सत्तारूढ़ ताकतों' की जमकर आलोचना की। माफिया से माननीय सांसद बने अतीक अहमद के बेटे असद अहमद के एनकाउंटर और यूपी का जिक्र किए बिना शरद पवार ने कई अहम बातें कहीं।
'पितामह' पवार ने आईना दिखाया
82 साल के शरद पवार ने राजनीति के पितामह की तरह आईना भी दिखाया। उन्होंने कहा, ऐसा माहौल बनाने की कोशिश हो रही है कि यह करना सही है। उन्होंने साफ किया कि एनकाउंटर जैसी चीजें देश के लिए किसी कीमत पर अच्छी नहीं मानी जा सकतीं।
NCP में दरार की अटकलों का बीज कहां पड़ा
अजीत पवार बीजेपी को सपोर्ट कर सकते हैं, ऐसी अटकलों की शुरुआत इसलिए हुई क्योंकि NCP की बैठक की खबरों के बीच शरद पवार ने कहा, अजीत क्या कर रहे हैं, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है।
चार साल पहले भी पवार अपने घर लौटे
पवार सीनियर के इस बयान के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया कि अजीत पवार कुछ अलग राजनीतिक योजना पर काम कर रहे हैं। बता दें कि 2019 में अजीत पवार ने बीजेपी को समर्थन दिया था। हालांकि, बाद में NCP में वापस भी लौटे।

क्या सुप्रिया सुले और अजीत के बीच टकराव
महाराष्ट्र की सियासी गतिविधियों को फॉलो करने वाले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अजीत पवार और सुप्रिया सुले के बीच शक्ति का संघर्ष हो रहा है। इससे राष्ट्रवादी कांग्रेस पाार्टी (राकांपा) के भीतर टकराव और स्पष्ट दरार आई है।
डैमेज कंट्रोल में जुटे दिग्गज
अजीत पवार एनसीपी के एक धड़े को तोड़ने की ताक में हैं। ऐसी अफवाहों के बीच शरद पवार, सुप्रिया सुले, उद्धव ठाकरे और उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी सेना) के सांसद संजय राउत ने कॉन्फ्रेंस कॉल की। इसमें अजीत पवार मौजूद नहीं थे।
अजीत पवार को विधायकों का समर्थन
एनसीपी के कुछ विधायकों ने अजीत पवार से मुलाकात की और अजीत को समर्थन का आश्वासन दिया। कहा गया कि अजीत जो भी फैसला लेंगे, वे उनके निर्णय के साथ रहेंगे। शरद पवार ने अटकलों को खारिज किया और कहा, अजीत ने कोई बैठक नहीं बुलाई।
अजीत बोले- जीवनभर NCP के साथ रहेंगे
थोड़ी देर बाद अजीत पवार ने भी एक स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने साफ किया कि वह जीवित रहने तक एनसीपी के लिए काम करेंगे। सभी अफवाहें बंद होनी चाहिए। किसी विधायक के हस्ताक्षर नहीं लिए गए हैं।
अजीत की बैठक के बारे में पवार जानते थे
इस संबंध में आई रिपोर्ट्स में कहा गया कि भले ही एनसीपी का शीर्ष नेतृत्व दरार की अटकलों पर पानी फेरने में सफल रहा, लेकिन शरद पवार को अजीत पवार और भाजपा के बीच बातचीत और एनसीपी विधायकों के साथ उनकी बैठक के बारे में पता था।

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NCP में कथित विद्रोह कैसे कुचला गया
रिपोर्ट्स में कहा गया कि शरद पवार ने ही अजीत पवार को शांत किया और NCP में कथित विद्रोह को कुचल दिया। खबरों के अनुसार, शरद पवार के सहयोगियों ने पार्टी के विधायकों से संपर्क करना शुरू किया।
विधायिकी गंवाने का डर!
NCP नेताओं को शरद का संदेश दिया गया कि अगर वे अचानक दल बदलने जैसा कोई फैसला लेते हैं, तो उन्हें एकनाथ शिंदे का समर्थन करने वाले विधायकों की तरह अयोग्यता के मामले का सामना करना पड़ेगा।
NCP की घड़ी का समय अच्छा!
तमाम सियासी उथल-पुथल, आशंका और कयासबाजी को देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि शरद पवार अपनी पावर का इस्तेमाल बखूबी जानते हैं। शायद यही कारण है कि NCP की घड़ी (इलेक्शन सिंबल) का समय अच्छा चल रहा है।
बगावत के बाद CM बन गए एकनाथ शिंदे
बता दें कि शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत के बाद मुख्यमंत्री बनने में कामयाबी पाई है। उन्होंने तमाम विधायकों को एकजुट किया और भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई। पूर्व CM फडणवीस डिप्टी सीएम बने।













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