'हम अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डरते', मुंब्रा को हरा रंगने वाले बयान के बाद AIMIM की सहर शेख अब क्या बोलीं
इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख के बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। मुंब्रा को "हरा रंगने" वाले सहर शेख के बयान पर भाजपा और विभिन्न हिंदू संगठनों के आक्रामक रुख के बाद भाजपा ने दावा किया कि सहर शेख ने लिखित माफी मांग ली है। वहीं भाजपा के इस दावे के बीच सहर शेख का नया बयान सामने आया है। उन्होंने कहा अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डरतीं। सहर शेख ने जोर देकर कहा, "मुझ पर गलत आरोप लगाए गए हैं। मुझे डरा नहीं सकते हैं। यह मैंने साफ बताया कि मेरा मुद्दा क्या है।"
सहर शेख ने बताया क्यों बोली थी ये बात?
पार्षद सरह शेख ने 'हरा' शब्द के इस्तेमाल पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनका यह मतलब सीटों की संख्या से था, "मेरे हरा का मतलब था 5 सीट जीते हैं आगे और जीतेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों ने उनके बयान का धार्मिक अर्थ निकाला, जबकि उनका इरादा यह नहीं था। सहर शेख ने इस जीत के लिए अल्लाह और जनता का आभार व्यक्त किया।

सहर शेख के इन बयानों पर महाराष्ट्र एआईएमआईएम अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने उनका समर्थन किया है। जलील ने स्पष्ट किया कि "सहर के बयान के साथ पार्टी खड़ी है। पार्टी का बयान उससे अलग नहीं है।" उन्होंने आगे चुनौती भरे अंदाज में कहा, "मैं बोलकर जा रहा हूं मुझे जहां बुलाना है बुला लो। मैं पूरे हिंदुस्तान को हरा भरा करने की बात करके जा रहा हूं।"
क्या है पूरा मामला, जिस पर मचा है बवाल?
दरअसल, यह पूरा मामला AIMIM के पांच नगरसेवकों के चुनाव जीतने के बाद शुरू हुआ। एक जय समारोह में, सहर शेख ने कहा था कि "मुंब्रा पूर्ण हिरवा करून टाकू।" इस मराठी वाक्य का हिंदी अर्थ था कि वे मुंब्रा को पूरी तरह हरा कर देंगे। इस बयान को धार्मिक विभाजन पैदा करने वाला बताते हुए, भाजपा नेता किरीट सोमैया, विधायक निरंजन डावखरे, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने सहर शेख को नोटिस जारी किया, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गईं।
क्या सच में सहर शेख मांग चुकी है अपने बयान पर माफी?
वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर अनिल शिंदे ने किरीट सोमैया को दी अपनी लिखित रिपोर्ट में सहर शेख की इस माफी का उल्लेख किया। शेख ने अपनी सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि उनका बयान केवल पार्टी के झंडे (हरे रंग) के बारे में था। उन्होंने जोर देकर कहा, "मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या सामाजिक माहौल खराब करने का नहीं था। हम तिरंगे के लिए जिएंगे और तिरंगे के लिए मरेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "फिर भी अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं सबके सामने माफी मांगती हूं।"
भाजपा ने भी किया ये दावा
वहीं बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने शनिवार को इस घटनाक्रम पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि AIMIM कॉर्पोरेटर सहर शेख ने आखिरकार अपने भड़काऊ बयान के लिए माफी मांग ली है। सोमैया ने इसे "पूरे मुंब्रा को रंगने" के AIMIM के बड़े प्लान का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत के बाद मुंब्रा पुलिस ने उन्हें लिखित में जानकारी दी है कि सहर शेख ने माफी मांगी है और उन्हें कड़ी चेतावनी भी दी गई है।
मुंब्रा पुलिस ने सहर शेख का माफीनामा स्वीकार कर मौजूदा मामले को बंद कर दिया है। हालांकि, पुलिस ने उन्हें साफ चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उन्होंने कोई भी भड़काऊ बयान दिया, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, अब सभी का ध्यान इस बात पर है कि सहर शेख और AIMIM की एंट्री से मुंब्रा की राजनीतिक परिदृश्य में क्या बदलाव आते हैं और इस टकराव का आगे क्या प्रभाव पड़ता है।












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