मुसलमानों के सबसे बड़े नेता बनने के सवाल पर AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने क्या दिया जवाब?
महाराष्ट्र निकाय चुनावों में अपनी AIMIM पार्टी की सीटों को 'संयोगवश' जीतने के विपक्षी पार्टी के दावों पर असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। हैदराबाद में उन्होंने कहा, "यह गलत है, ऐसी बात कहना उन मतदाताओं का अपमान है जिन्होंने वोट डाले हैं। जो ऐसी बातें कह रहे हैं, वे केवल अपने अहंकार के कारण ऐसा कर रहे हैं; वे कभी सुधरेंगे नहीं।"
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में AIMIM को इसलिए वोट मिले क्योंकि मुस्लिम समाज ने धार्मिक आधार पर मतदान किया। इन दावों को भी सिरे से खारिज करते हुए ओवैसी ने कहा "मुस्लिम वोटर सिर्फ धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर मतदान करते हैं। उन्होंने कांग्रेस और एनसीपी पर महाराष्ट्र में मुस्लिम समाज की समस्याओं को आज तक अनदेखा करने और केवल धर्म-जाति के नाम पर वोटिंग का आरोप लगाने का इल्जाम लगाया।"

वहीं, महाराष्ट्र निकाय चुनाव में राज ठाकरे की MNS और एनसीपी-एससी से अधिक सीटें हासिल करने पर ओवैसी ने अपनी पार्टी की कड़ी मेहनत को श्रेय दिया। उन्होंने स्पष्ट किया, "हमने वहां कड़ी मेहनत की है। हम मीडिया और जनता में एक सुसंगत संदेश देते हैं, और इसका जनता पर प्रभाव पड़ता है।"
महाराष्ट्र में मुस्लिमों के सबसे बड़े नेता बन चुके हैं?
अपनी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र में मुसलमानों के सबसे बड़े नेता बनने के सवाल पर असदुद्दीन ओवैसी ने इसे नकार दिया। उन्होंने कहा, "नहीं, मैंने हमेशा कहा है कि मैं न तो मुसलमानों का नेता हूं और न ही बनना चाहता हूं। हमारी पार्टी का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हम सैकड़ों नेता बनाएं, और ये लोग भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाएंगे।"
चिंचवड़ उपचुनाव का ओवैसी ने दिया उदाहरण
ओवैसी ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव में चिंचवड़ उपचुनाव का उदाहरण दिया, जहां AIMIM को 12,000 वोट मिले थे। इस सीट पर बीजेपी जीती, जबकि एनसीपी दूसरे स्थान पर रही। ओवैसी ने बताया कि कस्बा पेठ में उनकी पार्टी ने चुनाव ही नहीं लड़ा, वहां मुस्लिम आबादी लगभग 15% थी, वहीं चिंचवड़ में यह आंकड़ा 8-9% रहा।
ओवैसी ने मुस्लिम वोटरों को लेकर किया ये सवाल?
AIMIM प्रमुख ने कांग्रेस और एनसीपी से सवाल किया, "अगर मुस्लिम वोटबैंक के नाम पर बीजेपी जीतती है तो कांग्रेस और एनसीपी ने मुस्लिम वोट बैंक क्यों नहीं बनाया?" उन्होंने कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं के प्रति रवैये और उत्तर प्रदेश में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने पर भी कम वोट मिलने पर प्रश्नचिह्न लगाया।
ओवैसी बोले- मुसलमान अपना प्रतिनिधि खुद चुनें
अपनी पार्टी का लक्ष्य बताते हुए ओवैसी ने कहा, "देशभर में मुसलमानों की हालात क्या है? मुसलमानों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए, इस वजह से एआईएमआईएम कहती है कि मुसलमान अपना प्रतिनिधि खुद चुनें।"
MVA पर ओवैसी ने बोला हमला
उन्होंने महाविकास आघाड़ी (MVA) और शिवसेना (यूबीटी) पर भी हमला बोला। ओवैसी ने दो टूक कहा, "अगर महाविकास आघाड़ी सिर्फ माइनॉरिटी-माइनॉरिटी की बात करेगी तो एआईएमआईएम उसको वोट नहीं देगी।" साथ ही, उन्होंने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे अपने ही संगठन को मजबूत नहीं कर सकते।












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