महाराष्ट्र में रह रहे इतनी बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक, कौन हैं ये, क्या वापस जाएंगे?
Pakistani citizen in Maharashtra: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादी घटना के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ़ कई कड़े कदम उठाए हैं। जिसमें पाकिस्तानी नागरिकों को पहले दिए गए वीज़ा रद्द करना शामिल है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को 29 अप्रैल तक भारत में अल्पकालिक वीज़ा पर रह रहे पाकिस्तानी व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें निष्कासित करने का निर्देश दिया है।
वहीं महाराष्ट्र सरकार विभिन्न वीजा श्रेणियों के तहत राज्य में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों की आधिकारिक संख्या का खुलासा किया है। जिसमें चौकाने वाले कई खुलासे हुए हैं।

शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में लगभग 250 पाकिस्तानी नागरिक अल्पकालिक वीज़ा पर महाराष्ट्र आए थे। बाद की जांच में खुलासा हुआ कि इसमें से से अधिकांश ने दीर्घकालिक वीज़ा के लिए आवेदन जमा किए थे। इनमें से कुछ ऐसे थे जो अन्य राज्यों में आए थे लेकिन इनमें से कुछ मुंबई से पाकिस्तान के लिए फ्लाइट ले रहे थे।
महाराष्ट्र से कितने पाकिस्तानी नागरिक वापस भेजे गए?
महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार दीर्घकालिक वीजा चाहने वालों को वापस भेजने के बारे में केंद्र सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं जारी किया गया है। इस कारण महाराष्ट्र में अल्पकालिक वीजा धारकों की संख्या घटकर 18 रह गई, जिसमें दो मुस्लिम और सोलह हिंदू शामिल हैं। इनमें से चार पहले ही पाकिस्तान लौट चुके हैं, जिनमें दाे मुस्लिम और दो हिंदू हैं। पुलिस ने शेष 14 व्यक्तियों के जाने की पुष्टि की है जो अगले कुछ दिनों में पाकिस्तान जाने वाले हैं।
महाराष्ट्र में रह रहे 5 हजार पाकिस्तानी नागरिक कौन हैं?
वहीं एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र में 5,000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक दीर्घकालिक वीजा पर निवास कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश सिंधी हिंदू हैं और 300 मुसलमान हैं। केंद्र सरकार की ओर से दीर्घकालीन वीजा पर आए पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करने का कोई निर्देश नहीं है।
क्या होता है दीर्घकालीन वीजा
बता दें पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित करने का भारत सरकार का निर्देश विशेष रूप से अल्पकालिक वीज़ा पर रहने वाले पाक नागरिकों के लिए है। पाकिस्तान से आने वाले हिंदू जिनके पास दीर्घकालिक वीज़ा (LTV) है, उन्हें इस निर्वासन नियम से छूट दी गई है। सरकार का ये आदेश दीर्घकालिक वीज़ा रखने वाले व्यक्तियों पर लागू नहीं होता है, जैसे भारतीय नागरिकों से विवाहित व्यक्ति।
महाराष्ट्र में लापता हो गए 107 पाकिस्तानी नागरिक
दिलचस्प बात यह है कि रिपोर्ट में महाराष्ट्र में 107 पाकिस्तानी नागरिकों के रहस्यमय ढंग से लापता होने की रिपोर्ट थी। महाराष्ट्र पुलिस ने स्पष्ट किया कि ये लोग 1950 और 1960 के दशक के दौरान राज्य में प्रवास कर गए थे, यह वह अवधि थी जिसमें रिकॉर्ड रखने का काम इतना सख्त नहीं था। हाल ही में उन्हें लापता के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन अब यह समझा जाता है कि उनमें से कई की या तो मृत्यु हो गई है या बाद में आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज हो गया है।












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