World Health Day: कौन है वो फेक हार्ट सर्जन? जिसके इलाज से 7 की मौत, ‘लंदन से पढ़ा हुआ’ निकला ठग
World Health Day 7 April 2025: क्या आप सोच सकते हैं कि कोई बिना डॉक्टर बने ऑपरेशन करे और लोगों की जान ले ले? मध्य प्रदेश के दमोह (Madhya Pradesh Damoh News) जिले में कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां एक फर्जी डॉक्टर ने खुद को हार्ट स्पेशलिस्ट बताकर इलाज किया।
इलाज के बाद, कम से कम 7 मरीजों की मौत हो गई। आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर फेक 'हृदय विशेषज्ञ' सुर्खियों में छाया हुआ है। आइए जानते हैं आखिर कौन ये?

Who is Doctor N John Camm: कौन है ये नकली डॉक्टर?
इस डॉक्टर का असली नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव (Narendra Vikramaditya Yadav) है, लेकिन उसने खुद को 'डॉ एन जॉन कैम' बताकर पेश किया। उसने दावा किया कि वह लंदन से ट्रेन्ड है और एक नामी हार्ट डॉक्टर है। लेकिन असल में वो पूरी तरह फर्जी था। उसने यूके के एक असली डॉक्टर जॉन कैम का नाम और पहचान चुराई।
कैसे हुआ ये खुलासा?
एक मरीज को शक हुआ और उसने शिकायत की कि यह डॉक्टर फर्जी लग रहा है। जब अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि उसने जिन भी लोगों का ऑपरेशन किया, लगभग सभी की मौत हो गई। उसने इलाज और डायग्नोसिस के बारे में कुछ नहीं सीखा था, फिर भी सर्जरी करता रहा।
कब से कर रहा था ये काम?
ये फर्जी डॉक्टर जनवरी 2025 में दमोह के एक मिशनरी अस्पताल में काम करने लगा था। बताया गया है कि उसने फरवरी में अचानक अस्पताल छोड़ दिया। इस दौरान उसने 12 से ज्यादा सर्जरी की थीं।
अस्पताल और सरकार की क्या भूमिका?
ये अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार से पैसे लेता है, यानी यहां का इलाज सरकारी योजना से फ्री होता है। लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार का पैसा गलत हाथों में जा रहा था? और क्या अस्पताल ने डॉक्टर की जांच किए बिना उसे काम पर रख लिया?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले को बहुत गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है। एक टीम 7 से 9 अप्रैल तक दमोह में जांच करेगी।
असली डॉ जॉन कैम ने दी चेतावनी
जिस असली डॉक्टर के नाम का गलत इस्तेमाल हुआ - डॉ जॉन कैम, उन्होंने भी सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि कोई शख्स उनका नाम लेकर लोगों को गुमराह कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications