MP Weather News: भोपाल में कड़ाके की ठंड ने तोड़ा 58 साल पुराना रिकॉर्ड, जानिए कब मिलेगी राहत
MP Weather News: मध्य प्रदेश में इस बार की ठंड ने तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजधानी भोपाल में पिछले 58 वर्षों में सबसे सर्द रात का सामना किया गया है। हाल ही में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो एक ऐतिहासिक ठंड का संकेत है।
हालांकि, अब राहत की उम्मीद जगी है क्योंकि मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों में तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।

शीतलहर और ठंडे दिनों का दौर खत्म
मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव के अनुसार, शीतलहर और ठंडे दिनों की स्थिति (कोल्ड डे कंडीशन) अब समाप्त हो गई है। 14 और 15 दिसंबर की रातों में पारे में जो गिरावट आई थी, उसके बाद अब तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है। आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में वृद्धि होने से ठंड की तीव्रता कम हो सकती है। हालांकि, कुछ जिलों में कोहरे का असर बना रह सकता है, खासकर ग्वालियर-चंबल में।
आने वाली ठंड और पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी, जिससे उत्तरी हवाओं का रुख बदल जाएगा और फिर से प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर आ सकता है। इस बीच, बुधवार से ठंड में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन उसके बाद स्थिति फिर से बदल सकती है।

कोहरे का असर: इन जिलों में रहेगी ठंड
मध्यप्रदेश के ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड जिलों में आज कोहरा रहेगा। शिवपुरी के कुछ हिस्सों में भी हल्का कोहरा रह सकता है। कोहरे की स्थिति के कारण इन क्षेत्रों में विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे यातायात में दिक्कतें आ सकती हैं।

तापमान में गिरावट और पचमढ़ी का सर्दी रिकॉर्ड
सोमवार-मंगलवार की रात में मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट देखी गई। पचमढ़ी, जो मध्यप्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है, वहां तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। यह पचमढ़ी के इतिहास में सबसे ठंडी रातों में से एक थी, और यह शहर के तापमान को शिमला, नैनीताल, जम्मू, कटरा, धर्मशाला जैसे ठंडे हिल स्टेशनों से भी कम बना दिया।
भोपाल में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर और जबलपुर में 5 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में तापमान 10.6 डिग्री, और उज्जैन में 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, उमरिया, नौगांव, राजगढ़, खजुराहो में भी कड़ाके की ठंड पाई गई। मंडला और उमरिया में पारा 3 डिग्री तक गिरा, जबकि नौगांव में 3.8 डिग्री और राजगढ़ में 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
ठंड में राहत की उम्मीद
हालांकि, मंगलवार को दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जिससे राहत की उम्मीद बनी है। आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी होने से ठंड की तीव्रता कम हो सकती है, लेकिन कोहरे और फिर से ठंड के बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। इस प्रकार, मध्यप्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिन ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन उसके बाद मौसम का मिजाज फिर से बदल सकता है।
इस बार रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड, जनवरी से भी ठंडा रहा दिसंबर
मध्यप्रदेश में इस साल की ठंड ने तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। स्थिति यह है कि दिसंबर का महीना, जो आम तौर पर जनवरी से थोड़ी कम सर्दी वाला होता है, इस बार जनवरी से भी ज्यादा ठंडा साबित हुआ है। प्रदेशभर में शीतलहर का असर बना रहा, और कई शहरों में तो तापमान ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। खासकर राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और अन्य जिलों में ठंड ने पिछले वर्षों को पीछे छोड़ दिया।
भोपाल में रिकॉर्ड ठंड, 58 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सर्दी ने इस बार राजधानी को बुरी तरह से प्रभावित किया, जिससे आम जीवन और लोगों की दिनचर्या में बदलाव आया। पिछले 9 दिनों से शीतलहर चली, और तापमान में लगातार गिरावट आई। इस कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्कूलों के टाइमिंग भी बदले गए हैं, और वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं।
सर्दी का कारण: पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि जब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से ठंडी और बर्फीली हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आती हैं, तो ठंड बढ़ जाती है। यह मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण होता है, जो हर साल मौसम की स्थिति को प्रभावित करता है। इस बार, जेट स्ट्रीम की भी भूमिका थी, जिससे ठंड की तीव्रता दोगुनी हो गई है।
दूसरे पखवाड़े में भी कड़ी सर्दी का अनुमान
सर्दी का ट्रेंड इस बार थोड़ा अलग रहा है। सामान्य तौर पर दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ठंड बढ़ती है, लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में कड़ी सर्दी का असर दिखने लगा। पिछले 10 साल के रिकॉर्ड और मौसम के ट्रेंड को देखें तो दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में अब तक जितनी ठंड नहीं पड़ी थी, उतनी अब पहले ही पखवाड़े में देखी गई है। खासकर भोपाल और इंदौर की रातें पिछले दो सालों की तुलना में सबसे ठंडी रही हैं। इस तरह, दिसंबर का ठंडा रिकॉर्ड तोड़ते हुए, अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड का असर बने रहने की संभावना जताई जा रही है।












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