Vijaypur upchunav Result: तोमर ने संभाली कमान, सिंधिया ने नहीं दिखी भागीदारी, रावत को मंत्री बनाने पर नाराजगी
रामनिवास रावत, जो 2023 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे, अपनी मंत्री बनने की चाह में भाजपा में शामिल हो गए थे। 8 जुलाई 2024 को उन्हें भाजपा सरकार में वन मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। लेकिन अब उपचुनाव में उन्हें 7,000 से अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा है, जबकि 2023 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर 18,059 वोटों से जीत दर्ज की थी।
इस हार के बाद, रावत की राजनीतिक यात्रा पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद न केवल अपनी विधानसभा सीट गंवाई, बल्कि मंत्री पद पर भी संकट आ गया है। मंत्री पद के 6 माह पूरे होने से पहले उन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में कई राजनीतिक घटनाक्रमों ने चर्चा का विषय बना लिया है। बीजेपी ने इस उपचुनाव की कमान केंद्रीय मंत्री और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के प्रभावशाली नेता नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपा, जबकि पार्टी के स्टार प्रचारकों में शामिल होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस चुनाव में प्रचार के लिए कोई भी सक्रियता नहीं दिखाई। इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सिंधिया को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र का प्रमुख नेता माना जाता है और विजयपुर सीट इसी इलाके के आसपास स्थित है।
सिंधिया की अनुपस्थिति और पार्टी के अंदरूनी समीकरण
बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि जब रामनिवास रावत बीजेपी में शामिल हुए, तो इस बारे में ज्योतिरादित्य सिंधिया से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया था। दरअसल, विजयपुर उपचुनाव से पहले रावत की बीजेपी में एंट्री के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की भूमिका अहम रही। उन्होंने ही रावत का स्वागत किया और उन्हें पार्टी में शामिल किया। यह राजनीति में एक बड़ा संकेत है कि सिंधिया की बजाय तोमर को इस उपचुनाव में नेतृत्व सौंपा गया, जबकि सिंधिया की उपस्थिति की उम्मीद की जा रही थी।

सिंधिया के प्रचार में शामिल नहीं होने को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के अंदर छिपी नाराजगी और आंतरिक समीकरणों का हिस्सा मानते हैं। सिंधिया ने पिछले कुछ महीनों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कई बड़ी रैलियों और आयोजनों से दूर रहकर अपनी चुप्पी साधी हुई है, जो इस उपचुनाव में भी देखने को मिली।
रावत को मंत्री बनाए जाने पर असंतोष
रामनिवास रावत की बीजेपी में एंट्री के बाद विजयपुर उपचुनाव में उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी में असंतोष भी सामने आया। रावत की मंत्री बनाए जाने पर बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जाहिर की। विजयपुर सीट से चुनाव लड़ने वाले बाबूलाल मेवाड़ और सीताराम जैसे नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई। बाबूलाल मेवाड़ को लगता था कि पार्टी में उनका योगदान अधिक था और ऐसे में रावत को मंत्री बनाए जाने पर उनका पक्ष कमजोर हो सकता था।
सतीराम को पार्टी ने सहरिया विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष पद देकर उनकी नाराजगी को शांत किया, जबकि मेवाड़ को आगामी चुनावों में राजनीतिक पद देने का भरोसा दिया गया। हालांकि, इन सबके बावजूद वरिष्ठ नेता अजय विश्नोई ने रावत को मंत्री बनाए जाने को लेकर अपनी असहमति व्यक्त की। विश्नोई ने कहा कि उन्होंने पार्टी में शर्तों के साथ एंट्री की थी, जबकि रावत को मंत्री बनाए जाने से उन्हें यह महसूस हुआ कि पार्टी में समर्पण भाव से काम करने वाले नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
रावत को मात देने वाले मुकेश मल्होत्रा की राजनीतिक यात्रा
विजयपुर सीट पर जीतने वाले कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने 2023 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और तीसरे स्थान पर रहे थे। अब उन्होंने भाजपा के रामनिवास रावत को हराकर इस उपचुनाव में जीत दर्ज की है, जो उनके लिए एक बड़ी राजनीतिक सफलता मानी जा रही है।
इन दोनों उपचुनावों के नतीजे मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचाने वाले हैं और दोनों पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण संदेश लेकर आए हैं।
-
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
Badshah Love Story: ‘टटीरी’ वाले रैपर बादशाह की दूसरी दुल्हन Isha Rikhi कौन हैं? कैसे परवान चढ़ा दूसरा इश्क? -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Badshah Divorce Story: बादशाह ने रचाई थी इस ईसाई लड़की से शादी, 8 साल बाद तलाक क्यों? कौन है बेटी और कहां है? -
Badshah Second Marriage: रैपर बादशाह ने रचाई दूसरी शादी? तलाक के 6 साल बाद कौन बनीं रैपर की 'नई पत्नी' -
Iran Oil Offer to India: तेल संकट के बीच ईरान का भारत को बड़ा ऑफर! लेकिन चौंकाने वाली है तेहरान की नई शर्त












Click it and Unblock the Notifications