MP News: विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का बड़ा आरोप, "मुझे 5 करोड़ का ऑफर दिया, TI-SDOP ने धमकाया
MP News: विजयपुर उपचुनाव में भाजपा के वन मंत्री रामनिवास रावत को हराकर कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने विधायक पद की शपथ ली है। इस जीत के बाद, मुकेश मल्होत्रा ने भाजपा और प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव से पहले उन्हें धमकाया गया और 5 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था।

टीआई और एसडीओपी की धमकी!
मुकेश मल्होत्रा ने दावा किया कि जब उनका नाम विजयपुर से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सामने आया, तो रामनिवास रावत के रिश्तेदार जो कि टीआई और एसडीओपी थे, उन्होंने उनसे संपर्क किया। मल्होत्रा के अनुसार, इन अधिकारियों ने उन्हें साफ तौर पर धमकी दी थी, "तुम चुनाव नहीं लड़ सकते, नहीं तो तुम्हारे साथ अच्छा नहीं होगा।"
मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें सीधे तौर पर कहा गया कि वे अपना नामांकन वापस ले लें, और अगर ऐसा नहीं करते, तो वे खतरे में पड़ सकते हैं। इस धमकी के बाद भी, मुकेश मल्होत्रा ने चुनाव लड़ने का फैसला किया और जनता के बीच अपनी बात रखी।
लालच का भी आरोप
इसके अलावा, मुकेश मल्होत्रा ने यह भी बताया कि उन्हें चुनावी मैदान से बाहर करने के लिए 5 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया। उन्होंने कहा, "मुझे कहा गया कि 2 करोड़ रुपये अभी ले लो और 3 करोड़ बाद में ले लेना।" यह प्रस्ताव स्पष्ट रूप से उन्हें चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने की साजिश का हिस्सा था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया और अपनी ईमानदारी और संघर्ष के साथ चुनाव लड़ा।

डकैतों से जान का खतरा
विधायक मल्होत्रा ने यह भी खुलासा किया कि चुनाव के दौरान उनके जान के साथ खतरा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने डकैतों को बुलाया और उन्हें मारने की कोशिश की। "बीजेपी ने डकैतों को भेजकर मुझे मारने की साजिश की," मल्होत्रा ने कहा, लेकिन उन्होंने किसी भी प्रकार का डर महसूस नहीं किया और चुनावी लड़ाई को जारी रखा।
अदालत के बाहर हुई वारदातें और बूथ कैप्चरिंग
मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के एजेंट्स को अगवा किया गया और उन्हें धमकाकर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से रोका गया। "अगर प्रशासन और बीजेपी के लोग दखल नहीं देते, तो हम 50 हजार वोटों से जीत जाते," उन्होंने दावा किया। उनका आरोप था कि प्रशासन ने पूरी तरह से बीजेपी के इशारे पर काम किया और कांग्रेस को जीतने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया।
आदिवासी वोटरों को डराने की साजिश
विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी वोटर्स हैं, और मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने आदिवासी समुदाय को डराने-धमकाने की साजिश की। "बीजेपी की योजना थी कि आदिवासी वोटरों को डराकर उन्हें मतदान से वंचित कर दिया जाए," उन्होंने कहा। उनके मुताबिक, कई गांवों में गोलियां चलवाने और मारपीट करने की घटनाएं हुईं, और प्रशासन ने इसे नज़रअंदाज़ किया।
जनता और कार्यकर्ताओं का समर्थन
मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को कई बार धमकाया गया, लेकिन जनता का समर्थन उन्हें लगातार मिलता रहा। "हमने मेहनत और ईमानदारी से चुनाव लड़ा। यह चुनाव इस बात का सबूत है कि अगर कोई गरीब या मजदूर किसान का बेटा मेहनत करता है, तो वह जीत सकता है," मल्होत्रा ने कहा।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में स्वागत
चुनाव जीतने के बाद मुकेश मल्होत्रा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने उन्हें बधाई दी और विजयपुर की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
मुकेश मल्होत्रा के आरोपों से यह स्पष्ट होता है कि विजयपुर उपचुनाव में सत्ता और प्रशासन का दबाव था। उनके आरोपों के मुताबिक, बीजेपी ने गुंडागर्दी, धमकी, और साजिशों के जरिए कांग्रेस को चुनावी मैदान से बाहर करने की कोशिश की। फिर भी, मल्होत्रा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और जनता के समर्थन के साथ चुनाव लड़ा और विजयपुर की जनता ने बीजेपी को करारा जवाब दिया।
यह मामला चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की महत्वपूर्ण चर्चा की ओर भी इशारा करता है, खासकर जब प्रशासन और पुलिस के खिलाफ गंभीर आरोप लग रहे हों।












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