Pithampur Protest:पुलिस ने किया लाठीचार्ज, दो ने किया आत्मदाह का प्रयास, कांग्रेस ने CM को लिखी चिठ्ठी
Pithampur Protest: मध्य प्रदेश के पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा राजधानी भोपाल से इंदौर पहुंच चुका है, जहां अब पीथमपुर की रामकी कंपनी में इस कचरे के निस्तारण का काम शुरू होगा। कचरे के निस्तारण से पहले पीथमपुर में विरोध के स्वर लगातार बुलंद हो रहे हैं।
इधर, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने से पहले पीथमपुर का नाम बदलकर "यमराजपुर" रखने की मांग की है।

तो वहीं दूसरी ओरयूनियन कार्बाइड फ़ैक्ट्री के कचरे को पीथमपुर में जलाए जाने का विरोध स्थानीय लोग भी कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान दो लोगों ने आत्मदाह करने की कोशिश की। जिसके बाद भीड़ प्रदर्शनकारी थोड़े बेकाबू हुए जिन्हें काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।
'उपजाऊजमीन, नलकूप, पानी के स्तोत्र जहरीले'
जिला कांग्रेस सेवा दल के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल सूचना अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गिरीश जोशी ने बताया कि, यूनियन कार्बाइड भोपाल का कचरा जो की अत्यंत थी जहरीला है, और पूर्व में भी जब यह कचरा जलाया गया था, तब उसके आसपास के इलाकों में उपजाऊजमीन, नलकूप, पानी के स्तोत्र जहरीला हो चुके थे, कई बार सरकार द्वारा अन्य प्रदेशों में कचरा जलाने वाले प्लांट से संपर्क करने पर गुजरात महाराष्ट्र एवं प्रदेशों ने इस जहरीले कचरे को जलाने से मना कर दिया। मगर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हटधर्मिता अपनाते हुए पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में रामकी कंपनी में इस कचरे को जलाने का निर्णय लिया है, इसके विरोध में संपूर्ण पीथमपुर, धार, और इंदौर की जनता सरकार से मांग कर रही है, कि यह कचरा यहां पर नहीं जलाया जाए मगर सरकार आंख बंद कर, कान बंद करके अपने निर्णय पर अडिग है।
इसी के विरोध में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मांग करी है, कि अगर वह पीथमपुर में अगर यह ज़हरीला रसायन युक्त कचरा जलाते है,तो उससे पूर्व पीथमपुर का नाम बदलकर "यमराजपुर" रखें क्योंकि इस कचरे के जलने के बाद कई पर्यावरणविद्ब बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने कहा है, कि हर आठवें व्यक्ति को कैंसर जैसा घातक रोग हो सकता है,जमीन बंजर हो जाएगी नलकूप और तालाबों का पानी पीने योग्य नहीं बचेगा पूरा पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र वीराने में बदल जाएगा। इसी को लेकर यह पत्र मुख्यमंत्री को लिखा गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि, सभी राजनीतिक दलों से बुद्धिजीवियों से व्यापारिक संगठनों से पहले चर्चा कर उनका विश्वास मत लेकर ही कोई निर्णय इस कचरे के संबंध में दिया जाए।
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