MP News: मध्य प्रदेश में यूनिफाइड पेंशन स्कीम 'UPS' जल्द हो सकती है लागू, वित्त विभाग में मंथन शुरू

MP UPS News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार की अगली कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार की नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस पर चर्चा होने की संभावना है। केंद्र सरकार द्वारा इस स्कीम की घोषणा के बाद वित्त विभाग में इसे लेकर मंथन शुरू कर दिया है।

अधिकारी इसके प्रावधानों पर विचार कर रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की स्वीकृति मिलते ही इसे कैबिनेट में पेश कर मंजूरी दिलाई जा सके।

Unified Pension Scheme i e UPS may soon be implemented in MP Finance Department

वित्त विभाग के अधिकारियों ने यूपीएस के विभिन्न पहलुओं पर मंथन शुरू कर दिया है, और महाराष्ट्र सरकार ने इस स्कीम को चौबीस घंटे के भीतर लागू करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से मध्य प्रदेश में भी जल्द यूपीएस लागू किए जाने की संभावना बढ़ गई है।

पुरानी पेंशन स्कीम की मांग

हालांकि, कर्मचारियों के संगठन पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को ही बेहतर मानते हुए उसकी वापसी की मांग कर रहे हैं। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने कहा, "यूपीएस लागू होने से एनपीएस के कुछ नुकसान कम हुए हैं, लेकिन पूरी तरह से समाप्त नहीं हुए हैं। केंद्र सरकार ने एनपीएस की समस्याओं को यूपीएस के माध्यम से कम किया है, लेकिन पुरानी पेंशन स्कीम को ही लागू करना चाहिए।"

उमाशंकर तिवारी ने यह भी बताया कि यूपीएस में कई लाभ शामिल किए जा रहे हैं, लेकिन पुरानी पेंशन स्कीम के लागू होने से देशभर के कर्मचारियों की एक बड़ी मांग पूरी होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पुरानी पेंशन स्कीम पूरे देश में लागू की जाए और इसे मोदी की गारंटी माना जाए।

कर्मचारी संघ का आंदोलन

राज्य कर्मचारी संघ ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि तीन अलग-अलग पेंशन स्कीम-ओल्ड पेंशन स्कीम, एनपीएस, और यूपीएस-को लागू किए जाने से कर्मचारियों के बीच असमंजस उत्पन्न होगा।

राज्य सरकार के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण होगा कि वह केंद्र की यूपीएस को किस रूप में लागू करती है और कर्मचारियों की लंबित मांगों को कैसे पूरा करती है।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की विशेषताएं

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) भारत सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन योजना है, जिसे मोदी कैबिनेट ने हाल ही में मंजूरी दी है। यह स्कीम कर्मचारियों को एक स्थिर और सुनिश्चित पेंशन प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है। UPS की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

स्थिर पेंशन राशि: UPS के तहत, कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि और अंतिम बेसिक वेतन के आधार पर स्थिर पेंशन दी जाएगी। यह योजना कर्मचारियों को एक निश्चित और अनुमानित पेंशन सुनिश्चित करती है, जिससे वित्तीय सुरक्षा मिलती है।

न्यूनतम पेंशन राशि: यदि किसी कर्मचारी ने 10 साल से ज्यादा और 25 साल से कम सेवा की है, तो भी उसे न्यूनतम 10,000 रुपए प्रति माह पेंशन प्राप्त होगी, भले ही उसकी बेसिक पे कम हो।

पेंशन की गणना: कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीने की बेसिक पे के औसत का 50% बतौर पेंशन दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की आखिरी साल में बेसिक पे 50,000 रुपए थी, तो उसे रिटायरमेंट के बाद हर महीने 25,000 रुपए पेंशन मिलेगी।

सुरक्षा और स्थिरता: UPS का उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद स्थिर और सुरक्षित पेंशन प्रदान करना है, जिससे उनके वित्तीय भविष्य को सुनिश्चित किया जा सके।

पेंशन की स्थिरता: इस स्कीम के तहत पेंशन की राशि में स्थिरता होगी, जिससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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