गुना पुलिस की 12 टीमों को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंच गए आरोन कांड के दो आरोपी
आरोन कांड के दो आरोपी पुलिस से बचकर पहुंच गए कोर्ट में, जज के सामने किया विक्की और गुल्लू ने समर्पण
गुना, 24 मई। आरोन कांड के दो आरोपी गुल्लू और विक्की पुलिस को चकमा देकर गुना कोर्ट में सरेंडर करने पहुंच गए। यहां आरोपियों के वकील ने आरोपियों का एनकाउंटर करने का अंदेशा भी कोर्ट के सामने जाहिर किया। खास बात यह रही कि गुना पुलिस की 12 टीम इन दोनों आरोपियों को तलाश कर रही थीं लेकिन पुलिस की नजरों से बचकर आरोपी सीधा कोर्ट में पहुंच गए।

जज के सामने बोले आरोपी-'हमें झूठा फंसाया जा रहा है'
अरोन कांड के आरोपी गुल्लू और विक्की ने कोर्ट में जज के सामने यह बात कही है कि उन्हें आरोन कांड प्रकरण में झूठा फंसाया जा रहा है वह निर्दोष हैं और खुद को निर्दोष साबित करने के लिए वे केस लड़ना चाहते हैं। कोर्ट में एडवोकेट मजहर आलम ने दोनों ही आरोपियों की पैरवी की। उन्होंने दोनों ही आरोपियों के एनकाउंटर होने का अंदेशा भी जताया है और कोर्ट से आरोपियों की सुरक्षा की मांग की है।
आरोपियों के सरेंडर के बाद कर दिया गया गुना एसपी का पीएचक्यू तबादला
अरोन कांड के दोनों आरोपी विक्की उर्फ दिलशाद खान और गुल्लू खान के कोर्ट में सरेंडर कर देने की जानकारी मिलने के कुछ देर बाद ही गुना एसपी राजीव कुमार मिश्रा का तबादला आदेश भी जारी हो गया। उन्हें गुना से हटाने के आदेश जारी कर दिए गए। इससे प चंबल आईजी अनिल शर्मा को भी सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आरोन कांड के तुरंत बाद तत्काल प्रभाव से ग्वालियर से हटा दिया था।
अरोन कांड के शहीदों के परिजनों को दी गई एक करोड़ की सहायता राशि
अरोन कांड में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और सांसद केपी यादव ने एक करोड़ की राशि का चैक शहीद के परिजनों को सुपुर्द किया है। हम आपको बता दें की 14 मई को तड़के सुबह 3 बजे आरोन इलाके में शिकारियों से हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस विभाग के एक सब इंस्पेक्टर एक प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक शहीद हो गए थे इन्हीं शहीदों के परिजनों को सहायता राशि प्रदान की गई है।












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