MP News: सिवनी मालवा में पेड़ों की गिनती करने गए अधिकारियों को आदिवासियों ने बनाया बंधक
सिवनी मालवा तहसील के ग्राम लही में मंगलवार को ग्रामीणों ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) और वन विभाग के अधिकारियों को बंधक बना लिया। आदिवासियों ने भाजी नदी के पुल पर 5 घंटे तक अधिकारियों को रोके रखा, जिससे दोनों तरफ लोग खड़े हो गए।
मामला क्या था?
यह घटना तब हुई जब अधिकारी मोरन-गंजाल नदी पर बनने वाले डैम के लिए जंगल में पेड़ों की गिनती (रिकाउंटिंग) करने गए थे।

उन्होंने मौके पर फोटो खींचे और वीडियो बनाए, जिसकी सूचना गांव वालों को मिल गई। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बगैर पंचायत की जानकारी के जंगल में घुसने पर आपत्ति जताई और डैम के निर्माण के खिलाफ भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
अधिकारियों की स्थिति
इस दौरान अधिकारी गाड़ी में ही बैठे रहे, जबकि मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा था, जिससे उन्हें सीनियर अधिकारियों को सूचना पहुंचाने में मुश्किल हुई।

प्रशासनिक हस्तक्षेप
ग्रामीणों की समस्या को समझते हुए, विभाग के कुछ लोग सिवनी मालवा पहुंचे और अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद तहसीलदार राकेश खजूरिया और SDOP राजू रजक ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर मामले को संभाला।
ग्रामीणों की शिकायत
ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने ग्राम पंचायत को इस कार्य की जानकारी नहीं दी, जिसके चलते उन्होंने अधिकारियों का रास्ता रोकने का फैसला किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अधिकारियों की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं और इसके खिलाफ अपना विरोध जताना आवश्यक समझते हैं।

अधिकारियों की समझाइश
मौके पर पहुंचे एसडीओपी राजू रजक ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वे भी इसी समुदाय का हिस्सा हैं और भविष्य में अधिकारी बिना ग्रामीणों को विश्वास में लिए डैम से संबंधित किसी भी कार्य को नहीं करेंगे। इसके बाद, ग्रामीणों ने बंधक बनाए गए अधिकारियों को गाड़ी सहित जाने दिया।
अधिकारियों का पक्ष
एनवीडीए के सब इंजीनियर एचएल बामनिया ने बताया कि वे रिकाउंटिंग के लिए पूरे अमले के साथ आए थे और काम शुरू करने ही वाले थे, तभी कई ग्रामीण वहां पहुंच गए। इस कारण उन्हें काम रोकना पड़ा और बाद में ग्रामीणों ने उनकी गाड़ियों को भाजी नदी के पुल पर रोक दिया।












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