MP News: नर्सिंग अधिकारियों के लिए जल्द बनेगी ट्रांसफर पॉलिसी, डिप्टी सीएम शुक्ल से चर्चा में मिली सहमति
MP News: मध्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग के नर्सिंग कर्मचारियों के लिए जल्द ही स्थानांतरण नीति तैयार की जाएगी। यह जानकारी मेडिकल एंड हेल्थ एसोसिएशन और उपमुख्यमंत्री डॉ राजेंद्र शुक्ला के बीच हुई अहम बैठक के बाद सामने आई है।
वर्षों से लंबित इस मांग को अब सरकार ने गंभीरता से लिया है और ट्रांसफर पॉलिसी बनाने की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है।

नर्सिंग संवर्ग की बड़ी चिंता - ट्रांसफर का अभाव
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग स्टाफ के लिए स्थानांतरण नीति लागू है, लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों नर्सिंग कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कोई स्पष्ट ट्रांसफर गाइडलाइन नहीं है। इसका नतीजा ये है कि:
- कर्मचारियों को मनमाने ढंग से स्थानांतरित किया जाता है
- कोई ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं
- न्यायिक और पारदर्शी स्थानांतरण प्रणाली का पूर्ण अभाव है
इसी विषय को लेकर मेडिकल एंड हेल्थ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष धनराज नगर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वल्लभ भवन स्थित मंत्रालय में उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की।
उपमुख्यमंत्री ने दिया भरोसा, नीति पर जल्द काम शुरू होगा
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा: "कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए एक व्यवस्थित और न्यायपूर्ण ट्रांसफर नीति लाई जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग में भी जल्द ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी जैसी स्वास्थ्य विभाग में है।"
उन्हें यह भी बताया गया कि जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं, तो चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्टाफ को इससे क्यों वंचित रखा जाए।
Transfer policy: नीति की संभावित विशेषताएं:
- सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित ट्रांसफर पॉलिसी में निम्न बिंदु शामिल हो सकते हैं:
- ऑनलाइन आवेदन और मेरिट के आधार पर स्थानांतरण
- वरिष्ठता और पारिवारिक स्थिति को प्राथमिकता
- पति-पत्नी नीति, दिव्यांग/बीमार कर्मचारी और मातृत्व के मामलों में विशेष रियायत
- हर साल एक तय समय में ट्रांसफर विंडो खुलना
शिक्षकों के लिए राहत - 21 मई तक बढ़ी आवेदन तिथि
इसी क्रम में राज्य शासन ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है-शिक्षकों के स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 21 मई 2025 कर दी गई है। पहले यह तिथि 16 मई निर्धारित की गई थी।
नीति बनेगी तो कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान और सुविधा दोनों
सरकार के इस निर्णय से प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और अस्पतालों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। राज्य कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यह फैसला न केवल कर्मचारियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाएगा बल्कि सरकारी संस्थानों में स्थायित्व और सेवा की गुणवत्ता भी बढ़ाएगा
एक नीति से खुलेगा हजारों परिवारों का रास्ता
राजेंद्र शुक्ल से हुई इस चर्चा और उनकी सहमति ने नर्सिंग संवर्ग को उम्मीद दी है कि अब उन्हें भी पारदर्शी, डिजिटल और मानवीय ट्रांसफर व्यवस्था मिलेगी। अब निगाहें हैं नीति के ड्राफ्ट, प्रक्रिया और क्रियान्वयन की दिशा में उठाए जाने वाले आगामी कदमों पर।
रिपोर्ट: [LN मालवीय]












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