MP Panchayat Chunav 2022 : उस ग्राम सचिव ने बयां की अजीब दास्तां जिनकी 3 पत्नी लड़ रहीं चुनाव

सिंगरौली, 21 जून। मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव 2022 में मतदान तीन चरणों में 25 जून, एक जुलाई और आठ जुलाई को होगा। इस वक्त प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा सिंगरौली जिले के कटहदा में पोस्टेड उस ग्राम सचिव सुखराम गौड़ की हो रही है, जिनकी तीन पत्नियां एक साथ पंचायत चुनाव मैदान में उतरी हैं। दो पत्नी तो सरपंच पद के लिए आमने-सामने हैं।

ग्राम सचिव सुखराम गौड़ की कहानी

ग्राम सचिव सुखराम गौड़ की कहानी

अब ग्राम सचिव के सामने यह धर्मसंकट आ गया है कि किस पत्नी के पक्ष में चुनाव प्रचार करें? जब दो तो प्रतिद्वंदी हैं तो वह किसकी जीत की दुआ करें? दूसरी ओर खुद सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद तीन-तीन पत्नी रखने पर कानून का डर भी सता रहा। इन सारी उलझनों का जवाब खुद ग्राम सचिव सुखराम गौड़ ने दिए हैं। साथ ही वैवाहिक संबंधों की अपनी दर्दभरी कहानी भी बयां की है।

 तीन पत्नियों वाले ग्राम सचिव का इंटरव्यू

तीन पत्नियों वाले ग्राम सचिव का इंटरव्यू

वन इंडिया हिंदी से बातचीत में सचिव सुखराम गौड़ ने बताया कि मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव 2022 में भले ही उनकी तीन पत्नी भाग्य आजमा रही हैं, मगर इन्होंने खुद के तीनों के चुनाव से अलग कर रखा है। किसी के लिए कोई चुनाव प्रचार नहीं कर रहे। गौड़ ने तीनों पत्नियों को स्पष्ट कह दिया कि वे चुनाव का काम अपने हिसाब से देखें। बतौर पति गौड़ चुनाव में उनकी कोई मदद नहीं करेंगे।

 ग्राम सचिव ने तीन शादियों ने क्यों की?

ग्राम सचिव ने तीन शादियों ने क्यों की?

ग्राम सचिव ने अपनी तीन पत्नियां रखने की बात स्वीकार तो की है, मगर इनको लेकर जिला प्रशासन द्वारा निलं​बन समेत अन्य कोई कार्रवाई किए जाने से इनकार किया है। वैसे ग्राम सचिव सुखराम गौड़ की तीन शादियों की स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं। गौड़ मानते हैं कि इनकी तीन पत्नियां हैं, जिनमें शादी सिर्फ दो से हुई है। वो भी मजबूरी में। तीसरी पत्नी तो ऐसे ही उनके घर आकर रहने लगी है।

 ग्राम सचिव सुखराम गौड़ की पहली शादी

ग्राम सचिव सुखराम गौड़ की पहली शादी

सुखराम गौड़ कहते हैं कि 'मेरा जन्म एक जुलाई 1976 में हुआ। मैं तब पांच छह साल का तो मेरी शादी पुरानी देसर निवासी कुसुम कली सिंह से हो गई। उस वक्त तो मैं शादी का मतलब भी समझता था। दस-बारह साल बाद कुसुम का मेरे घर आना-जाना हुआ। हम पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे। एक बेटा भी पैदा हुआ। बेटे के जन्म के बाद कुसुम और मेरे रिश्ते में मिठास कम हो गई। हमारे बीच झगड़े होने लगे। वो नाराज होकर अपने मायके चली गई। तलाक नहीं लिया। ये अब पीपरखाड़ ग्राम पंचायत से सरपंच पद का चुनाव लड़ रही हैं।

ग्राम सचिव सुखराम गौड़ की दूसरी शादी

ग्राम सचिव सुखराम गौड़ की दूसरी शादी

बकौल, ग्राम सचिव सुखराम गौड़ पहली पत्नी कुसुम के चले जाने के बाद मैं अकेला तन्हा रहने लगा था। ये बात 1995-96 की है। उस वक्त में 12 कक्षा में पढ़ रहा था। फिर मेरी जिंदगी पीपरी ग्राम पंचायत की गीता सिंह आईं। मैंने इनसे दूसरी शादी कर ली। हम दोनों के दो बेटी हैं। अब कुसुम ​कली और गीता सिंह पीपरखाड़ ग्राम पंचायत से सरपंच पद के लिए आमने-सामने हैं। गीता सिंह पूर्व में भी सरपंच रह चुकी हैं।

तीसरी पत्नी बिना शादी के साथ रह रही

तीसरी पत्नी बिना शादी के साथ रह रही

ग्राम सचिव सुखराम गौड़ ने शादी तो कुसुम कली और गीता के साथ रचाई, मगर तीसरी पत्नी के रूप में उर्मिला सिंह भी है। इस सवाल के जवाब में ये कहते हैं कि उर्मिला सिंह उनकी तीसरी पत्नी है, जो डेढ़ साल से उनके साथ बिना शादी के ही रह रही है। ये मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव 2022 में देवसर के वार्ड क्रमांक 13 से जनपद सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं।

नौकरी भी जा सकती है ग्राम सचिव की

नौकरी भी जा सकती है ग्राम सचिव की

सिंगरौली जिला कलेक्टर राज राजीव कहते हैं कि ग्राम सचिव की तीन पत्नी पंचायत चुनाव में प्रत्याशी होने का मामला सामने आया। इस पर ग्राम सचिव सुखराम गौड़ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करना गैर कानूनी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है। जरूरत पड़ी तो ग्राम सचिव के खिलाफ पंचायती राज सेवा नियमों के तहत भी कार्रवाई करेंगे।

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