MP News: एमपी में नए तंत्र की एंट्री से आएगा जल सैलाब, इंदौर भोपाल ग्वालियर जबलपुर समेत इन जिलों में रेड अलर्ट
MP ka mausam: मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। डैम का जलस्तर बढ़ गया है। तो वहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं है। इस बीच मौसम विभाग ने 4 अगस्त रविवार को मध्य प्रदेश के 5 जिलों में अत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
शनिवार को आधे से ज्यादा जिलों में पानी गिरा। प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश रीवा में हुई। जबलपुर, इंदौर, खंडवा, पचमढ़ी, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, सतना, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, भोपाल, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, मलाजखंड, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रीवा, मंडला और नौगांव में भी पानी गिरा है। नर्मदापुरम में नर्मदा नदी, बैतूल में माचना, ताप्ती और विदिशा और अशोकनगर को जोड़ने वाले बाह्य नदी में तेज बहाव रहा।

अतिभारी बारिश की इन जिलों में चेतावनी
रविवार को भी मौसम विभाग ने कई जिलों में अतिभारी बारिश की चेतावनी जताई है। इन जिलों में बालाघाट, मैहर, शहडोल, कटनी, उमरिया, शामिल हैं।जबकि पन्ना, डिंडौरी, जबलपुर, सतना, सीधी, सिंगरौली, दमोह छतरपुर अनूपपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं, मंडला, सिवनी, टीकमगढ़ शिवपुरी,नरसिंहपुर, विदिशा, रायसेन, खंडव हरदा नीमच, मंदसौर, रतलाम,निवाड़ी, सागर, बैतूल, सिवनी, झाबुआ, अलीराजपुर, शाजापुर, बुरहानपुर, आगर, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, उज्जैन, बड़वानी, खरगोर, देवास, नर्मदापुरम, राजगढ़, दतिया, भोपाल में भी पानी गिर सकता है।
शनिवार सुबह 8:30 से शाम के 5:30 तक सागर में 17, सतना में 0.7, शिवानी में पांच, सीधी में 19, टीकमगढ़ में तीन, उमरिया में 6, मलाजखंड में 29, छिंदवाड़ा में चार, दमोह में 18, जबलपुर में 35, मंडला में 20, नरसिंहपुर में 69, रीवा में 37, बैतूल में पांच, भोपाल में 0.4, धार में सात, गुना में 0.2 नर्मदापुरम में सात, इंदौर में पांच, खंडवा में तीन, खरगोन में पचमढ़ी में 6, रतलाम में 6, शिवपुरी में 6 और उज्जैन में 0.6 मिली मीटर बारिश दर्ज हुई।
14 प्रतिशत से अधिक बारिश
वहीं, रविवार को 5 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 9 गेट खोलने से नदी में बहाव तेज हो गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 1 जून से 3 अगस्त तक के मानूसनी सीजन में अब तक प्रदेश में औसत से 14 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 6% अधिक जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 21% अधिक पानी गिर चुका है।












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