MP Municopal Election: अब पार्षद, महापौर प्रत्याशियों को बताना होगा चुनावी खर्च, अन्यथा अयोग्य घोषित होंगे
सागर, 9 जून। लोकतंत्र में पंच या पार्षद का चुनाव सबसे निचला और कठिन माना जाता है। आने वाले नगरीय निकाय के चुनावों में महापौर, अध्यक्ष और पार्षद पद के लिए मैदान में उतरे प्रत्याशियों को अपना पूरा चुनावी खर्च आयोग को देना होगा। ऐसा न कर पाने वाले अभ्यर्थी चुनाव आयोग के नियमानुसार आगामी चुनावों के लिए अयोग्य भी घोषित किए जा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले सहित प्रदेश में स्थानीय चुनावों को लेकर घमासान मचा हुआ है। लोकतंत्र में ग्रामीण स्तर पर पंच तो नगरीय क्षेत्रों में पार्षद का चुनाव सबसे कठिन माना जाता है। निर्वाचन आयोग द्वारा पहली बार नगरीय निकायों में महापौर, अध्यक्ष व पार्षद पद के लिए चुनाव लडऩे में खर्च सीमा तय की गई है। चूंकि सागर ननि 10 लाख से कम आबादी की श्रेणी में आती है, ऐसे में सागर नगर निगम में महापौर पद के प्रत्याशी के लिए 15 लाख और पार्षद पद के प्रत्याशी के लिए 3.75 लाख खर्च किए जाने की सीमा तय की गई है। निकाय चुनाव में यह पहली बार है जिसमें सबसे ज्यादा परेशानी पार्षद पद के अभ्यर्थियों के लिए सामने आ सकती है।
अभी तक लोकसभा, विधानसभा के लिए नियम था
गौरतलब है कि लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में यह खर्च सीमा लंबे समय से निर्धारित हैं जिसके तहत संबंधित प्रत्याशियों को चुनावी कार्यक्रम के दौरान बीच-बीच में खर्च की जानकारी प्रस्तुत करनी होती है, लेकिन निकाय चुनाव में संभवत: अंतिम रूप से एक बार ही अभ्यर्थियों को अपने चुनावी खर्च की पूरी जानकारी आयोग को सौंपनी होगी।
चुनाव में आर्थिक मदद मिली तो भी बताना होगा
मालूम हो कि आयोग के निर्देश के तहत सभी अभ्यर्थियों को पूरे चुनाव में हुए अपने न केवल खर्च के बारे में जानकारी देना है, बल्कि संबंधित प्रत्याशी को अगर कहीं से कोई मदद मिली है तो उसका भी ब्यौरा प्रस्तुत करना होगा। इतना ही नहीं सांसद एवं विधायक प्रत्याशियों की भांति पार्षद पद के अभ्यर्थियों को भी अपना अलग बैंक एकाउंट खोलना पड़ेगा जिससे वह अपने चुनावी कार्यक्रम के लिए होने वाले खर्च का पैमेंट कर सकते हैं। इसमें आयोग ने जो सख्ती की है उसमें नियमानुसार आयोग को खर्च की जानकारी न देने पर संबंधित व्यक्ति को आगामी किसी भी चुनाव में 6 वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। पार्षद पद के लिए यह नियम काफी कठिन साबित हो सकता है।
आबादी के आधार पर तय खर्च सीमा
महापौर पद प्रत्याशी के लिए जो खर्च की सीमा तय की गई है उसमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले निगम में 35 लाख खर्च कर सकेंगे। 10 लाख से कम जनसंख्या वाले निगमों के लिए 15 लाख चुनावी खर्च सीमा तय की गई है।
नगर निगम में पार्षदों के खर्च सीमा
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 8 लाख 75 हजार
10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में 3 लाख 75 हजार
नगर पालिका में पार्षदों के खर्च की सीमा
01 एक लाख से अधिक आबादी 2 लाख 50 हजार
50 हजार से 01 लाख तक की आबादी 1 लाख 50 हजार
50 हजार से कम आबादी वाले शहरों में 1 लाख रुपए
नगर परिषदों के लिए 75 हजार खर्च सीमा तय की गई है।












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