वृंदावन के एक्सपर्ट शाहनगर में पकड़ रहे लंगूर, बंदरों के आतंक से गांव वाले हैं परेशान
Bundelkhand के कई इलाकों में बंदर और लंगूरों का आतंक है। कई इलाकों में गर्मी के सीजन में लंगूर अर्थात काले मुंह वाले बंदर शहरों का रुख कर धमाचौकड़ी मचाते हैं। वहीं कई इलाकों में सालभर इनका आतंक बना रहता है। ऐसा ही मामला पन्ना जिले के शाहनगर से सामने आया है। यहां लंगूर और बंदरों की धमाचौकड़ी और आतंक इस कदर है कि वन विभाग भी बेबस नजर आ रहा है। परेशान होकर ग्राम पंचायत ने वृंदावन से बंदर पकड़ने वाले एक्सपर्ट टीम को बुलाया है।

मप्र के पन्ना जिले के शाहनगर विकासखंड के बिसानी गांव में इन दिनों वंृदावन से बंदर पकड़ने वालों की टीम डेरा जमाए हुए हैं। यहां कई घरों की छतों पर लोके के जालीदार पिंजरे लगाए गए हैं। इनमें बीते दिन दिन में 4 लंगूर कैद हुए हैं। इन लंगूरों को बिसानी और शाहनगर से कहीं दूर छोड़ने की प्लानिंग चल रही है। वृंदावन की एक्सपर्ट टीम यहां अभी और रुकेगी। ग्रामीणों के बताए अनुसार बसानी गांव व आसपास के इलाके में बीते कई सालों बंदरों का आतंक बना हुआ है। इतने परेशान हो चुके थे कि इसके लिए वृंदावन से रेस्क्यू टीम को बुलाना पड़ा।

लगातार लंगूरों की संख्या बढ़ती जा रही है, छत पर भी नहीं जा पाते
पन्ना जिले के शाहनगर बिसानी गांव में बीते 4 सालो से लंगूरों और बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये बंदरा घरों के छप्पर और साग.सब्जियां फल.फूल को नुकसान पहुंचा रहे थे। इसके बाद ग्रामीणों मथुरा से बंदर पकड़ने वाला रेस्क्यू दल बुलाया। जिन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल सहित गांव के बीच स्थित पक्के मकानों की छतों पर बंदर कैप्चर पिंजरे लगाए हैं। जिनमें खाने पीने का सामान रखकर उन्हें रखा गया है। बंदर यहां आते हैं और वह कैप्चर पिंजरों में कैद हो जाते हैं।












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