MP News: बैराड़ शिवपुरी में तालिबानी सजा का मामला, युवक के सिर पर जूता रखकर मंगवाई माफी, VIDEO वायरल

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बैराड़ कस्बे में एक युवक को तालिबानी अंदाज में सजा देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक को कथित तौर पर सिर पर जूता रखकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में रोष पैदा किया है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

बैराड़ थाना पुलिस ने इस मामले में कुलदीप रावत और छोटू रावत के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री की मौजूदगी का दावा भी सामने आया है, जिसने इस मामले को और विवादास्पद बना दिया है। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।

Talibani punishment in Bairad Shivpuri youth forced to apologize by placing shoe on him VIDEO viral

अपमान और तालिबानी सजा

बैराड़ कस्बे के एक गांव में यह शर्मनाक घटना हाल ही में हुई, जब एक युवक को कथित तौर पर व्यक्तिगत रंजिश के कारण कुछ लोगों ने पकड़ लिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि युवक को सिर पर जूता रखकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। यह तालिबानी अंदाज की सजा थी, जिसमें युवक को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। वीडियो में कुलदीप रावत और छोटू रावत सहित कुछ लोग इस कृत्य में शामिल दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना किसी व्यक्तिगत विवाद या रंजिश से जुड़ी हो सकती है, हालांकि सटीक कारण की जांच अभी जारी है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला "समझौता वार्ता" का हिस्सा था, जिसमें ग्रामीणों ने आपसी विवाद को सुलझाने के लिए इस तरह की सजा दी। लेकिन इस तरह की प्रथा न केवल अवैध है, बल्कि यह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन भी है।

कुलदीप रावत और छोटू रावत पर केस दर्ज

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बैराड़ थाना पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया और कुलदीप रावत और छोटू रावत के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294 (अश्लील कृत्य और गाली-गलौज), 506 (आपराधिक धमकी), और 34 (साझा इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। यदि जांच में यह साबित होता है कि यह घटना किसी विशेष समुदाय या जाति के खिलाफ थी, तो अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक (SP) अमरेश सिंह ने कहा, "हमने वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। कुलदीप रावत और छोटू रावत की पहचान मुख्य आरोपियों के रूप में हुई है। हम इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" पुलिस ने यह भी बताया कि वे अन्य संदिग्धों की तलाश कर रहे हैं और वीडियो की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।

कांग्रेस ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और राठखेड़ा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, सुरेश राठखेड़ा या उनके कार्यालय की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कुछ स्थानीय सूत्रों का कहना है कि राठखेड़ा इस "समझौता वार्ता" में मध्यस्थता के लिए मौजूद हो सकते थे, लेकिन उनकी मौजूदगी ने इस घटना को और विवादास्पद बना दिया है।

कानून-व्यवस्था पर सवाल और सामाजिक प्रतिक्रिया

यह घटना मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हाल के वर्षों में, देश के विभिन्न हिस्सों में भीड़ द्वारा तथाकथित "तालिबानी सजा" देने की घटनाएं बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए:

  • रुड़की, उत्तराखंड (फरवरी 2025): एक युवक के हाथ बांधकर सिर मुंडवाया गया और उसे बाजार में घुमाया गया।
  • नानपारा, उत्तर प्रदेश (अक्टूबर 2024): गेहूं चोरी के आरोप में एक व्यक्ति का सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया गया।
  • चित्तौड़गढ़, राजस्थान (सितंबर 2023): एक दलित व्यक्ति को सिर पर जूता रखकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।

ये घटनाएं दर्शाती हैं कि भीड़ द्वारा कानून को अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति समाज में बढ़ रही है, जो न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि कानूनी व्यवस्था को कमजोर करती है। बैराड़ की इस घटना ने स्थानीय लोगों में रोष पैदा किया है। भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश शर्मा ने कहा, "यह घटना हमारे समाज की मानसिकता पर सवाल उठाती है। किसी को इस तरह अपमानित करना निंदनीय है। सरकार को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"

विपक्ष का हमला और राजनीतिक रंग

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना को बीजेपी सरकार की नाकामी का सबूत बताया है। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा, "यह घटना दिखाती है कि बीजेपी शासित मध्य प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है। पूर्व मंत्री की मौजूदगी में ऐसी घटना होना शर्मनाक है।" कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस मामले में जवाब मांगा है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह विपक्ष की राजनीतिक साजिश है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है। विपक्ष बेवजह इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है।"

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