रतलाम में गणेश प्रतिमा जुलूस में पथराव के आरोप, थाना घेराव और हंगामा, 3 गिरफ्तार, 200 पर केस
रतलाम में शनिवार रात गणेश प्रतिमा की शोभायात्रा के दौरान हुई पत्थरबाजी के आरोपों ने स्थिति को गंभीर रूप से बिगाड़ दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्टेशन रोड थाने का घेराव कर दिया और सड़क पर जाम लगा दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज और आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। इस मामले में अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 200 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

शनिवार रात 8:30 बजे गणेश प्रतिमा की शोभायात्रा खेतलपुर से लेकर मेहंदी कुई, हाथीखाना और मोचीपुरा की ओर बढ़ रही थी। जुलूस में महिलाएं, बच्चे और अन्य लोग शामिल थे। जब जुलूस हाथीखाना रोड पर मोचीपुरा पहुंचा, तभी पत्थरबाजी की घटना के आरोप लगे। लखन रजवानिया ने एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि अंधेरे में किसी अज्ञात व्यक्ति ने मूर्ति पर पत्थर फेंका।
पुलिस कार्रवाई और स्थिति की गंभीरता
पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल कुमार लोढ़ा घटना स्थल मोचीपुरा पहुंचे। इस दौरान भीड़ उनके साथ हो ली और उन्होंने भीड़ से घटनास्थल छोड़ने की अपील की। लेकिन, जैसे ही एसपी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, पथराव शुरू हो गया। इस दौरान पुलिस की गाड़ी पर भी पत्थर फेंका गया, जिससे गाड़ी का कांच टूट गया। स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस ने हल्का लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। हंगामा और प्रदर्शन करीब रात 12 बजे समाप्त हुआ।
एसपी का बयान और जांच की स्थिति
रविवार सुबह, एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने मीडिया को जानकारी दी कि फिलहाल की जांच में गणेश प्रतिमा पर पत्थरबाजी के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। एफआईआर दर्ज कराने वाले किन्नर गुरु काजल और अन्य से पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने अलग-अलग स्थानों की जानकारी दी। सभी सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई है, जिसमें पत्थर फेंकने की घटना का कोई प्रमाण नहीं मिला है। मूर्ति भी खंडित नहीं हुई है। यदि भविष्य में कोई ठोस सबूत मिलता है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हंगामा के मामले में कानूनी कार्रवाई
हंगामे और नारेबाजी की घटना के संबंध में पुलिस ने 13 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एफआईआर में लखन रजवानिया, किन्नर गुरु काजल, रवि शर्मा, महेंद्र सोलंकी, जलज सांखला, रवि सेन, विजय प्रजापति, नितेश, मुकेश बंजारा, मंथन भोंसले, अमन जैन, जयदीप गुर्जर और अजू बरगुंडा का नाम शामिल है। इन सभी पर भीड़ को उकसाने, इकट्ठा होकर हंगामा करने और वाहनों में तोड़फोड़ करने के आरोप हैं। जलज सांखला भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का जिला उपाध्यक्ष है।
इनमें से लखन रजवानिया, किन्नर गुरु काजल और महेंद्र सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि हंगामा मामले में जैनब बी, पति रफीक शाह, जितेंद्र पिता हरिओम, इलियास पिता मो सलीम, शेख इमरान पिता मजहर कुरैशी, और इरफान उल हक पिता एहसास उल हक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है।
पूरी घटना विस्तार से
शनिवार रात लगभग 8:30 बजे गणेश प्रतिमा की शोभायात्रा खेतलपुर से लेकर मेहंदी कुई बालाजी, हाथीखाना और मोचीपुरा की ओर बढ़ रही थी। जुलूस में महिलाएं, बच्चे और अन्य लोग शामिल थे। अचानक, जैसे ही जुलूस हाथीखाना रोड पर मोचीपुरा पहुंचा, एक अज्ञात व्यक्ति ने मूर्ति पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया गया।
लखन रजवानिया ने रात 10:50 बजे एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में कहा गया, "हम गणेश जी की स्थापना के लिए मूर्ति को लेकर जा रहे थे। जब हमारा जुलूस मोचीपुरा पहुंचा, तभी अंधेरे में किसी अज्ञात शख्स ने मूर्ति पर पत्थर फेंका। पत्थर मूर्ति के पास से होकर गुजरा, जिससे मूर्ति क्षतिग्रस्त हो सकती थी।"
किन्नर गुरु काजल का बयान
जिन ट्रैक्टर ट्रॉली पर मूर्ति ले जाई जा रही थी, उस पर किन्नर गुरु काजल, उनकी मां सरोजबाई रजवानिया, लखन रजवानिया और समिति के सदस्य बैठे थे। किन्नर गुरु काजल ने दावा किया कि एक पत्थर मूर्ति के पास से होकर निकला। इस घटना से जुलूस में शामिल लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने थाने का घेराव करने का निर्णय लिया।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने स्थिति को संभालने के लिए मोचीपुरा पहुंचते ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। भीड़ ने पुलिस को गंभीर स्थिति का सामना कराया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को लाठी चार्ज और आंसू गैस का उपयोग करना पड़ा। रात करीब 12 बजे तक स्थिति को काबू में किया गया और हंगामा समाप्त हुआ।
जांच की स्थिति और प्रतिक्रिया
रविवार सुबह, एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने मीडिया को बताया कि मूर्ति पर पत्थरबाजी की पुष्टि के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। एफआईआर दर्ज कराने वाले किन्नर गुरु काजल, लखन रजवानिया और अन्य से पूछताछ की गई, लेकिन वे अलग-अलग स्थानों की जानकारी देते रहे। सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें पत्थर फेंकने की घटना नहीं देखी गई और मूर्ति भी खंडित नहीं हुई है।
हंगामा के मामलों में पुलिस की कार्रवाई
हंगामे और नारेबाजी की घटना के संबंध में पुलिस ने 13 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें लखन रजवानिया, किन्नर गुरु काजल, रवि शर्मा, महेंद्र सोलंकी, जलज सांखला, रवि सेन, विजय प्रजापति, नितेश, मुकेश बंजारा, मंथन भोंसले, अमन जैन, जयदीप गुर्जर और अजू बरगुंडा शामिल हैं। सभी पर भीड़ को उकसाने, इकट्ठा होकर हंगामा करने और गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के आरोप हैं। जलज सांखला भाजयुमो का जिला उपाध्यक्ष है।
लखन रजवानिया, किन्नर गुरु काजल और महेंद्र सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी ने बताया कि हंगामा मामले में जैनब बी, पति रफीक शाह, जितेंद्र पिता हरिओम, इलियास पिता मो सलीम, शेख इमरान पिता मजहर कुरैशी, और इरफान उल हक पिता एहसास उल हक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है।












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