MP News: मऊगंज पुलिस पर युवक की चोटी उखाड़ने और जनेऊ तोड़ने के आरोपों पर एसपी ने किया खुलासा
Mauganj News: मऊगंज में युवक की चोटी उखाड़ने और जनेऊ तोड़ने के आरोपों पर मऊगंज एसपी रचना ठाकुर ने स्पष्टीकरण दिया है। एसपी ठाकुर ने दावा किया है कि मामले की जांच के दौरान थाने के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की समीक्षा की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि शिकायतकर्ता की चोटी थाने में नहीं उखाड़ी गई थी।
मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान, एसपी रचना ठाकुर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में यह साफ है कि पुलिस जब युवक नरेंद्र मिश्रा को अदालत के लिए लेकर निकली, तब भी उसके सिर पर चोटी थी। इसके अतिरिक्त, मेडिकल रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ है कि युवक को लगी चोटें गिरफ्तारी के 24 घंटे पहले की हैं, न कि थाने में हुईं।

रविवार को मऊगंज के शाहपुर के पहाड़ी गांव में एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद, नाराज परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। इस मामले में पुलिस ने करीब 40 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जिसमें पीड़ित युवक नरेंद्र मिश्रा भी शामिल था।

पीड़ित युवक का आरोप
युवक नरेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया था कि रविवार रात करीब 11 बजे पुलिस ने उसे उठाकर थाने ले गई और वहां उसे पट्टे से मारा-पीटा, उसकी चोटी उखाड़ी और जनेऊ तोड़ दिया। एसपी रचना ठाकुर का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सच्चाई सामने लाई जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सभी आरोपों को गंभीरता से लिया है और सत्यता की पुष्टि के लिए जांच जारी है।
मऊगंज में युवक की चोटी उखाड़ने और जनेऊ तोड़ने के आरोपों के बाद, पुलिस प्रशासन ने मामला गंभीरता से लिया है। सोमवार को घटना से नाराज ग्रामीणों और ब्राह्मण समाज के लोगों ने एसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया था और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 14 अक्टूबर से आमरण अनशन पर बैठेंगे।

कार्रवाई की गई
एसपी रचना ठाकुर ने मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनुराग कुमार पांडे को सौंप दी है। इसके साथ ही, पुलिसकर्मी विवेकानंद यादव को तत्काल निलंबित कर दिया गया। मंगलवार को शाहपुर थाना प्रभारी (टीआई) बीसी विश्वास को भी लाइन अटैच कर दिया गया है। थाने की जिम्मेदारी अब एएसआई अजय पांडे को सौंपी गई है।

युवक ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों ने उसे मेडिकल के लिए ले जाने का दावा किया, लेकिन मेडिकल कराया ही नहीं गया। लौटते समय, पुलिस ने बीच रास्ते में नदी के पास गाड़ी रोक दी और किसी राहुल दादा का नाम लेकर गोली मारने की धमकी दी। इसके अलावा, युवक ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का भी आरोप लगाया।
एसपी रचना ठाकुर ने मामले की जांच में कहा है कि सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि थाने में युवक की चोटी उखाड़ी नहीं गई थी और चोटें गिरफ्तारी से 24 घंटे पहले की हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है। जांच की प्रक्रिया जारी है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।












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