Sagar News: पहले गौर टावर धवस्त किया, अब पार्किंग के लिए डॉ. हरीसिंह गौर पार्क तोड़ रहे
Smart City सागर और नगर निगम लाखों का बजट बर्बाद कर रहे हैं। पहले काम कराते हैं, दो साल बाद उसी को नेस्तानाबूत करने पर आमादा हो जाते हैं। दरअसल डॉ. गौर जयंति से पहले डॉ. हरीसिंह गौर को समर्पित पार्क का पार्किंग के लिए तोड़ा जा रहा है।

Municipal Corporation और स्मार्ट सिटी शहरी विकास के नाम पर केवल मनमानी ही नहीं कर रहें, बल्कि शहरी विकास को लेकर केंद्र सरकार से मिले भारी-भरकम बजट को भी बर्बाद करने में लगे हुए है। इसका ताजा उदाहरण एक्सीलेंस गर्ल्स कॉलेज के सामने स्थित डॉ. हरीसिंह गौर पार्क के डिस्मेंटल का निर्णय है, जिसे 3 साल पहले ही स्मार्ट सिटी ने 40 लाख रुपए लगाकर रिनोवेट किया था। अब इसी पार्क को हटाने का फैसला मेयर इन काउंसिल में लिया गया है। हालांकि यह मुद्दा निगम की साधारण सभा में रखा जाएगा।

दरअसल, स्मार्ट सिटी इसी पार्क के सामने 10 करोड़ की लागत से सिटी स्टेडियम का निर्माण कर रही है। जिसका काम अंतिम पड़ाव में है। अगर स्टेडियम की डीपीआर की बात की जाए तो मुख्य गेट से पार्क के बीच खाली पड़ी जमीन को उपयोग पार्किंग के रखा गया है। फिर भी पार्क को हटाकर पार्किंग के लिए जगह तलाशी जा रही है। स्टेडियम की डीपीआर में ही 20 हजार वर्गफीट जमीन को पार्किंग स्पेस के लिए है। यह जमीन रविंद्र भवन के मुख्य गेट से लेकर पुराने निगम जोन ऑफिस तक है। जहां दोनों ओर गेट लग चुके हैं। इसके बावजूद भी इस पार्क को हटाने के लिए मंजूरी दे दी गई है। जबकि वर्ष 2018 में नगर निगम परकोटा के एतिहासिक गौर टावर को भी हटा गया था कि ट्रैफिक बाधित हो रहा है, लेकिन अब वहां वाहनों की वजह से स्थिति जस की तस बनी हुई है।

4 करोड़ की लागत में संवारे थे 3 पार्क
स्मार्ट सिटी ने वर्ष 2017 में 4 करोड़ की लागत में 3 पार्क सिविल लाइन स्थित चंद्रा पार्क, बस स्टैंड के पास डॉ. हरीसिंह गौर और गोपालगंज लाल स्कूल के पास स्थित मधुकर शाह पार्क का जीर्णोंद्धार किया था। जिसमें 40 लाख रुपए में डॉ. हरीसिंह गौर पार्क के रिनोवेशन में खर्च किया। जबकि उस दौरान भी स्मार्ट सिटी को इंजीनियर फोरम की ओर से सुझाव दिया गया था कि सड़क को चौड़ा करने के लिए पार्क की कुछ जमीन कम कर दी जाए। फिर भी अफसरों ने यह कहकर रिनोवेट कर दिया था कि इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकते, लेकिन अब उसी पार्क को हटाया जा रहा है।
बजट की बर्बादी, पहले भी सामने आ चुके मामले
नगर निगम और स्मार्ट सिटी द्वारा रुपए की बर्बादी के पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। नगर निगम तीन बत्ती गौर मूर्ति से मस्जिद के बीच की सड़क पर डिवाइडर, फुटपाथ के बनाने हटाने का मामले में भी निगम ने काफी बजट बर्बाद किया था। उस दौरान तात्कालीन महापौर प्रदीप लारिया ने 15 लाख रुपए से फुटपाथ का निर्माण किया बाद में तात्कालीन महापौर अभय दरे ने उसी फुटपाथ को तोडने में खर्च किया। अब स्मार्ट सिटी स्मार्ट रोड कॉरिडोर के तहत कटरा की चारों ओर की सड़कों का फिर से फुटपाथ का निर्माण करेगी।
स्टेडियम को डॉ. गौर के नाम पर करने की घोषणा करेंगे मंत्री
इस मामले में सागर महापाौर संगीता डॉ. सुशील तिवारी का कहना है कि पार्क में आसामिजक तत्वों का जमावड़ा रहता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस स्टेडियम के लिए पार्किंग के पार्क को हटाने का निर्णय लिया है। पार्क के पेड़ों को नहीं काटा जाएगा। वहीं स्टेडियम का नाम डॉ. हरिसिंह गौर के नाम करने की घोषणा नगरीय प्रशासन मंत्री करेंगे।












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