कौन हैं पत्रकार कनिष्क तिवारी, क्या है थाने में उनके कपड़े उतरवाने की पूरी कहानी
भोपाल, 8 अप्रैल: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक पुलिस स्टेशन में कुछ पत्रकार और एक्टिविस्ट को बिना कपड़ों के रखने का मामला काफी ज्यादा चर्चा में है। इन लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं। मामले में सबसे ज्यादा चर्चा पत्रकार कनिष्क तिवारी की है। थाने से छूटने के बाद कनिष्क ने एक वीडियो के माध्यम से बताया है कि ये पूरा मामला क्या है।

कौन हैं कनिष्क तिवारी
सोशल मीडिया पर वायरल सीधी कोतवाली की इस तस्वीर में सबसे बाएं में कनिष्क तिवारी खड़े हैं। कनिष्क सीधी के ही रहने वाले हैं और पत्रकार हैं। वो एक हिंदी न्यूज चैनल से जुड़े हैं औरअपना यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। इसके साथ ही कनिष्क रंगकर्मी भी हैं, वो इंद्रावती नाट्य समिति से जुड़े हुए हैं।

क्यों किया पुलिस ने ऐसा अमानवीय बर्ताव
अपनी तस्वीरों को लेकर कनिष्क ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। साथ ही कुछ मीडिया संस्थानों से बात भी की है। उनका कहना है कि स्थानीय भाजपा विधायक के कहने पर पुलिस ने उनके साथ ये अमानवीय बर्ताव किया है। उनका कहना है कि 2 अप्रैल को सीधी पुलिस ने रंगकर्मी और इंद्रावती नाट्य समिति के निदेशक नीरज कुंदेर को बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला और उनके बेटे गुरुदत्त के बारे में अभद्र टिप्पणी करने पर जेल भेज दिया। जिस पर ये लोग कोतवाली में पहुंचे थे। यहां पुलिस ने मामले को कवर करने पहुंचे कनिष्क को दूसरे लोगों के साथ कथित तौर पर ये कहते हुए गिरफ्तार कर लिया कि तुम विधायक के खिलाफ खबरें चलाते हो। कनिष्क तिवारी ने वीडियो जारी करते हुए अब अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है।
कई पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में पुलिस के इस शर्मनाक कृत्य की सोशल मीडिया पर निंदा के बाद राज्य सरकार ने कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है। मामले में थाना प्रभारी और एक उपनिरीक्षक (एसआई) को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) सीधी मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि थाना प्रभारी मनोज सोनी और अभिषेक सिंह को तलब किया गया है।












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