लखपति दीदी का लक्ष्य, मैं नेता नहीं, भैया और मामा हूं, महिलाओं के लिए शिवराज सिंह ने की बड़ी घोषणा

Vidisha News: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि, मैंने बचपन में बेटा-बेटी में भेदभाव होते देखा था, बहनों की तकलीफ दुख-दर्द देखा था। तब मन में बहुत पीड़ा होती थी। जब मुख्यमंत्री बना तो सबसे पहले लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई क्योंकि बेटी बोझ नहीं वरदान है।

आज मुझे कहते हुए गर्व है कि, मध्यप्रदेश की धरती पर 50 लाख से भी ज्यादा लाड़ली लक्ष्मियां है। फिर कन्या विवाह योजना बनाकर लाखों बेटियों की शादी और निकाह करवाए।

Shivraj Singh Chauhan announced for women Lakhpati Didi s goal I am not a leader

मध्य प्रदेश, देश का ऐसा पहला राज्य है जहां बहनों को स्थानिय निकायों में 50 प्रतिशत रिज़र्वेशन दिया गया ताकि बहनें भी चुनाव लड़ सकें। फिर आई लाड़ली बहना योजना। एक झटके में 1 करोड़ 32 लाख बहनों के खाते खुलवाकर उसमें पैसे डाले, इस योजना ने तो बहनों का आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ा दिया, लेकिन ये सफर यहीं रूकेगा नहीं, अब लाड़ली बहना से लखपति बहना बनाना है। लखपति दीदी का मतलब साल में बहनों की आमदनी 1 लाख रूपए से ज्यादा हो। स्व-सहायता समूह के माध्यम से बहनों को लखपति बनाना मेरे जीवन का लक्ष्य है।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रविवार को विदिशा लोकसभा की दो विधानसभा इछावर और बुधनी में चुनाव प्रचार किया। इछावर विधानसभा के बिल्किसगंज और बुधनी विधानसभा के भैरूंदा और गोपालपुर में पूर्व सीएम ने विशाल जनसभाओं को संबोधित किया।

Shivraj Singh Chauhan announced for women in vidisha Lakhpati Didi goal I am not a leader

वहीं पूर्व सीएम ने बिल्किसगंज और गोपालपुर में रोड-शो भी किया। इस दौरान श्री चौहान ने कहा कि, ये चुनाव अद्भुत हो गया है, इतनी गर्मी और तेज़ धूप भी जनता मुझे सुनने आ रही है। बहनें मुझे तिलक लगाती है, और चुनाव लड़ने के लिए हाथ में 10-10 रूपए देती हैं।

सीएम ने कहा कि मैं जहां जाता हूं मेरी बहनें पैसे निकालकर देती हैं, कई जगह तो बहनें गेहूं दे रही है। चुनाव के बाद गेहूं के पैसों से कन्या भोज कराएंगे और मैं भी उनसें शामिल रहूंगा। बच्चे मुझे मामा-मामा कहकर गुल्लक दे देते हैं। मैं धन्य हो गया हूं, आप सभी को बारंबार प्रणाम करता हूं।

नेता नहीं, भैया और मामा हूं

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं नेता नहीं, भैया और मामा हूं। हम सब एक परिवार है। ये दिल, मन और आत्मा के रिश्तें हैं। मैं चुनाव जीतने नहीं बल्कि आपकी जिंदगी बदलने आया हूं। पूर्व सीएम ने कहा कि, पार्टी ने मुझे विधायक बनाया तो विधायक बनकर काम किया, सांसद बनाया तो सांसद बनकर जनता की सेवा की। फिर आप सभी के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बना तो जनता की जिंदगी बदलने का काम किया। अब दिल्ली जा रहा हूं, वहां से भी सेवा करूंगा।

शिवराज ने कहा कि, ये संदेश देने का चुनाव है, अगर कोई अच्छा काम करें तो उसे ऐसा आशीर्वाद दो कि, दुनिया देखती रह जाए। ये देश को बताने का चुनाव है कि, आप अपने मामा और भैया से कितना प्यार करते हो। दूसरें भी सोचेंगे की अच्छा काम करोगे तो जनता कितना प्यार देती है। पूरे हिंदुस्तान का रिकॉर्ड तोड़ दो और 100 प्रतिशत मतदान करो। बहनें भी घर से निकल जाएं, भाई भी घर से निकलें और चुनाव प्रचार में जुट जाएं। घर-घर जाकर संपर्क करो और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए लोगों को प्रेरित करो। आप प्रेम और आशीर्वाद का रिकॉर्ड बनाओ और मैं सेवा और विकास का रिकॉर्ड बनाऊंगा।

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विधायक के रूप में मेरी विदाई है

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज मैं भावुक भी हूं, क्योंकि ये विदाई की बेला है, मैं विधायक के रूप में विदा होने वाला हूं। मैंने विधायक के नाते दिन और रात आपकी सेवा की, कोई कसर नहीं छोड़ी। कभी किसी को निराश नहीं किया, लेकिन कुछ दिनों बाद मैं आप लोगों का विधायक नहीं रहूंगा। जो भी मेरी भूमिका रहेगी उसमें काम करूंगा। आज मैं एक बात कहने आया हूं। मेरे लिए ये चुनाव प्रेम की परीक्षा है। अगर मैंने ईमानदारी से आपकी सेवा की है, अगर मैंने बहनों की सेवा की है, अगर मैंने लाखों बेटियों की शादी करवाई है, अगर मैंने लाखों बीमारों का इलाज कराया है, अगर लाखों बच्चों की फीस भरवाई है, उनको पढ़ने-लिखने के योग्य बनाया है। अगर गरीबों की जींदगी बेहतर बनाने की कोशिश की है, अगर किसानों का जीवन बेहतर बनाने का प्रयास किया है, तो ये आपके शिवराज के प्रेम की परीक्षा है। ये चुनाव हार-जीत का चुनाव नहीं है। मुझे विदाई दो तो ऐसी दो कि, पूरा हिंदुस्तान देखें कि, अगर प्रेम होता है तो ऐसा होता है।

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