विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष- 35 साल में लगाए 11 लाख पौधे
श्योपुर के वृक्षमित्र जयराम मीणा ने 35 साल मे लगाए 11 लाख पौधे, कई अवार्ड से हो चुके हैं सम्मानित।
श्योपुर, 5 जून। पूरी दुनिया में आज विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। इस विशेष दिवस पर हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने 35 साल में 11 लाख पौधे लगाकर खुद की पहचान वृक्ष मित्र के रुप में बना ली।
श्योपुर के बड़ौदा तहसील के बांसोद गांव में रहने वाले 57 साल के जयराम मीणा ने अपनी पूरी जिंदगी ही हरियाली के नाम कर दी है। पिछले 35 साल से वे लगातार वृक्षारोपण करके पर्यावरण की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

श्योपुर निवासी जयराम मीणा ने अपने पूरे जीवन काल में 11 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था जिसे उन्होंने 2 साल पहले ही पूरा कर लिया। जयराम मीणा पिछले 35 साल से लगातार अलग-अलग इलाकों में वृक्षारोपण कर रहे थे।

जयराम मीणा का पौधों के प्रति लगाव देखकर लोगों ने उनका नाम वृक्ष मित्र रख दिया है। जयराम मीणा बड़ौदा क्षेत्र की हरियाली में सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं। 35 साल से पौधारोपण कर रहे जयराम मीणा के हाथों के लगाए गए पौधे अब बहुत विशाल वृक्ष के रूप में तब्दील हो गए हैं। इन्हें देखकर जयराम मीणा को काफी खुशी मिलती है।
जयराम मीणा को अब तक कई छोटे-बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं
लोगों के बीच वृक्ष मित्र के रूप में पहचान बनाने वाले जयराम मीणा को अब तक जिला और प्रदेश स्तर में कई छोटे-बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं। साल 2006 में उन्हें राज्य स्तरीय अमृता देवी वैश्वनोई वृक्ष मित्र अवार्ड मिला था। लोगों द्वारा दिए गए सम्मान से जयराम मीणा को और भी हौसला मिला और इसके बाद वे दुगनी लगन के साथ पौधारोपण के कार्य में लग गए।
13 साल की उम्र से कर रहे हैं पौधारोपण
जयराम मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि अपनी 13 साल की उम्र से ही वे पौधारोपण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा मथुरा लाल मीणा को बारिश में पौधे लगाने का बहुत शौक था। दादा का पर्यावरण प्रेम उन्हें विरासत में ही मिला है। जयराम ने अपने दादा के पर्यावरण प्रेम को आगे बढ़ाते हुए खुद भी पर्यावरण से प्रेम करना सीख लिया। अब जयराम मीणा के बेटे विष्णु भी अपने पिता की तरह पर्यावरण प्रेम में रुचि ले रहे हैं और वे भी पौधारोपण कर रहे हैं।
9 किलोमीटर लंबी नहर किनारे लगा दिए 40000 से ज्यादा पौधे
जयराम मीणा ने बड़ोदिया बिंदी से लेकर राजौरा गांव तक नहर के किनारे 40000 से ज्यादा पौधे लगाए थे। 9 किलोमीटर लंबे इलाके में जयराम मीणा ने जो पौधे लगाए थे वे अब पेड़ बन चुके हैं। इसके अलावा जयराम मीणा पार्वती नदी के किनारे भी 5000 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। बड़ौदा और ललितपुरा सड़क के किनारे भी तकरीबन 3 किलोमीटर लंबाई में जयराम मीणा ग्यारह सौ से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं। अब यही पौधे सड़क किनारे हरियाली के साथ-साथ लोगों को छांव भी दे रहे हैं।
स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी और श्मशान तक में लगा चुके हैं पौधे
जयराम मीणा नहर और सड़क के अलावा स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी और श्मशान तक में पौधारोपण कर चुके हैं। जयराम मीणा कहते हैं कि जहां भी स्थान मिले वहां पौधारोपण जरूर करना चाहिए। इस तरह से पर्यावरण संतुलन बना रहता है और हरियाली भी लोगों को अच्छी लगती है।












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