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MP News: शिवपुरी में 80 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पुल कैसे टूटा, जानिए, ठेकेदार की गलती या प्रशासन की चूक?

overbridge News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में रविवार, 15 जून 2025 को एक निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा ढह जाने से छह मजदूर घायल हो गए। इस हादसे ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

80 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस ओवरब्रिज का भूमिपूजन पिछले साल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया था। हादसे के बाद मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (MPPWD) और ठेकेदार कंपनी पर सवाल उठ रहे हैं। आइए, इस हादसे की पूरी कहानी, इसके कारण, और मौजूदा स्थिति को विस्तार से जानते हैं।

Scindia under-construction railway overbridge collapses in Shivpuri six workers injure in mp

हादसे का विवरण

हादसा रविवार दोपहर करीब 1 बजे शिवपुरी जिले के पोहरी राजमार्ग पर बस स्टैंड और रेलवे लेवल क्रॉसिंग के पास हुआ। यह निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (MPPWD) की देखरेख में बन रहा है, और इसका ठेका सुभम कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी को दिया गया है। हादसे के समय मजदूर ब्रिज पर कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे। अचानक स्लैब का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया, जिसके नीचे छह मजदूर दब गए।

शिवपुरी के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) संजय चतुर्वेदी ने बताया, "निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा ढह गया, जिसमें छह लोग घायल हुए हैं। सभी घायल मजदूरों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है।" हादसे में एक मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे विशेष उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सौभाग्य से, जिस हिस्से के नीचे कोई मजदूर काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण बड़ा हादसा टल गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, और घायल मजदूरों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गईं।

हादसे का कारण: तकनीकी खराबी

सुभम कंस्ट्रक्शन के गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी प्रवीण पांडे ने हादसे के लिए तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि कंक्रीट डालने के दौरान "अनुमति से अधिक कंपन (वाइब्रेशन) का उपयोग किया गया, जिसके कारण संरचना अस्थिर हो गई और ढह गई।" यह बयान निर्माण कार्य में लापरवाही और तकनीकी मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करता है।

हालांकि, मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (MPPWD) ने प्रारंभिक तौर पर दावा किया कि स्लैब में दरारें (क्रेक्स) पाए गए थे, और इसे तोड़ने की प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ। यह बयान सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बना, क्योंकि कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर स्लैब में पहले से दरारें थीं, तो मजदूरों को वहां काम करने की अनुमति क्यों दी गई।

घायल मजदूरों की स्थिति

हादसे में घायल छह मजदूरों को तत्काल शिवपुरी जिला अस्पताल ले जाया गया। इनमें से एक मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि बाकी पांच की स्थिति स्थिर है। घायल मजदूरों के नाम और उनकी स्थिति के बारे में अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है, और गंभीर रूप से घायल मजदूर को विशेष निगरानी में रखा गया है।

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परियोजना और ठेकेदार कंपनी

यह रेलवे ओवरब्रिज 80 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है, और इसका निर्माण मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (MPPWD) की देखरेख में सुभम कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य पोहरी राजमार्ग पर रेलवे लेवल क्रॉसिंग के कारण होने वाली ट्रैफिक समस्या को कम करना है। पिछले साल इस ओवरब्रिज का भूमिपूजन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया था, जिसके बाद यह परियोजना चर्चा में रही थी।

हादसे के बाद सुभम कंस्ट्रक्शन की कार्यप्रणाली और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस हादसे को भ्रष्टाचार और लापरवाही का परिणाम बताया है। एक यूजर ने X पर लिखा, "लोहे-सीमेंट की क्वालिटी इतनी 'शानदार' थी कि पुल खुद शर्म से धराशायी हो गया। डबल इंजन सरकार में भ्रष्टाचार संभव ही नहीं है।"

प्रशासन का क्या कहना है?

हादसे के बाद जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शिवपुरी के जिला कलेक्टर ने एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की है, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी खामियों, और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच करेगी। इसके अलावा, MPPWD ने ठेकेदार कंपनी को नोटिस जारी किया है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया और घायल मजदूरों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने ट्वीट किया, "शिवपुरी में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के हादसे की खबर दुखद है। घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मैं उनकी जल्द रिकवरी की प्रार्थना करता हूं। इस मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं।"

मध्य प्रदेश में पुल हादसों का इतिहास

  • मध्य प्रदेश में निर्माणाधीन पुलों के ढहने की यह पहली घटना नहीं है। अतीत में भी कई ऐसे हादसे सामने आए हैं, जो निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करते हैं। उदाहरण के लिए:
  • 2020, उज्जैन: कालीसिंध नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का 15 मीटर हिस्सा ढह गया, जिसमें छह मजदूर घायल हुए थे। जिला कलेक्टर ने साइट इंजीनियर को निलंबित कर दिया था और ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया था।
  • 2022, शिवपुरी: एक वैन सिंध नदी में गिर गई थी, जिसमें चार मजदूरों की मौत हो गई थी और 15 घायल हुए थे। ये मजदूर एक पुल निर्माण स्थल पर जा रहे थे।
  • इन हादसों ने बार-बार निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठेकेदारों की लापरवाही, घटिया सामग्री का उपयोग, और तकनीकी मानकों का पालन न करना इन हादसों के प्रमुख कारण हैं।
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