संत रविदास महाकुंभ: शिवराज ने खोला सौगातों का पिटारा, सागर में 100 करोड़ से बनेगा भव्य मंदिर
कमलनाथ और कांग्रेस सरकार ने संतों का अपमान किया है। भाजपा सरकार संतों का सम्मान करती है, संत समागम करती है। यह बात मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर में कही। वे संत रविदास महाकुंभ में बोल रहे थे।

कमलनाथ ने संतों का अपमान करने का पाप किया है। 15 महीने की सरकार में उन्होंने अनूसूचित जाति व गरीब वर्ग के लिए कोई काम नहीं किया। बस प्रदेश को लूटने का काम किया है। यह बात प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को सागर में कही। वे संत रविदास महाकुंभ संत समागम में बोल रहे थे। उन्होंने सागर में 100 करोड़ की लागत से बड़तूमा में संत रविदास का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि मैं और मेरी सरकार संत रविदास के बताए रास्ते पर चल रही है।
Recommended Video


अब मेनहोल में इंसान नहीं घुसेंगे, ताकि जिंदगी सुरक्षित रहे: सीएम
सीएम शिवराज ने प्रदेश में ऐसे सफाईकर्मियों की जिंदगी सुरक्षित करने के लिए बड़ी घोषणा की है जो सीवर और बड़ी ड्रेनेज लाइनों में खुद अंदर घुसकर सफाई करते हैं। पूर्व में दम घुटने की घटनाओं के बाद सीएम ने कहा कि अब मेनहोल में कोई भी सफाईकर्मी नहीं उतरेगा, मशीनों से सफाई की जाएगी, ताकि कर्मचारियों की जिंदगी सुरक्षित रहे।
संत रविदास की एक-एक बात को पूरा करने का प्रयास करेंगे
सीएम शिवराज ने बड़े ही दार्शनिक अंदाज में संत रविदास के दोहे को बार-बार दोहराते हुए कहा कि यह पूरा कार्यक्रम जिंदगी बदलने का प्रयास है। संत रविदास ने जो बातें कही हैं, उनकी एक-एक बात को पूरा करने का काम हम करेंगे। सारे काम करने के लिए मुझे आपका साथ, संतों का आर्शीवाद चाहिए है।
जन्म स्थली की तीर्थ यात्रा होगी, मंदिर में दोहे, सीख उतारी जाएगी
सीएम ने घोषणा करते हुए कही कि संत रविदास की जन्मस्थली काशी की तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। इतनी बड़े संत जिनकी सबसे बड़ी शिष्या मीरा बाई थी। ऐसें संत रविवास जी का मंदिर बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने जमीन भी देख ली है। बड़तूमा में मंदिर बनाने की घोषणा की। आज हम फैसला कर रहे हैं कि संत 100 करोड़ रुपए की लागत से अद्भुत मंदिर बनेगा। उनके दोहे, उनकी सीख उकेरी जाएंगी। साथ ही उनके प्रसंग उकरने का काम किया जाएगा। इसका प्रारंभ आज से किया जाता है।












Click it and Unblock the Notifications