सनातन की सियासी पिच पर लगेंगे चौके-छक्के
सनातन और सियासत का संबंध समय के साथ स्थापित होता जा रहा है। दक्षिण भारत से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन को एक रोग बताकर सियासी आंच को तेज कर दिया है। दक्षिण से निकली यह चिंगारी पूरे देश को अपनी जद में ले रही है। भाजपा की अगुवाई में एनडीए गठबंधन और कांग्रेस के इंडिया गठबंधन वाले नेताओं को सनातन पर सियासी बातें करने को विवश होना पड़ रहा है। भाजपा नेता जहां सियासी पिच पर फ्रंट फुट पर आकर बयानबाजी कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस की कोई लाइन-लेंथ अब तक तय नहीं हो पाई है। टीम इंडिया के दूसरे सहयोगी भी कांग्रेस की तरह असमंजस में ही दिखाई पड़ रहे हैं।

14 सितंबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार से सनातन की सियासी पिच पर आकर चौके-छक्के लगाए हैं, उसके बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेताओं की लाइन-लेंथ पूरी तरह बिगड़ती ही जा रही है। मध्य प्रदेश के बीना जिले में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ओर नया भारत दुनिया को एक साथ लाने और विश्वामित्र के रूप में उभरने में अपनी विशेषज्ञता दिखा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे संगठन हैं जो राष्ट्र और समाज को विभाजित करने पर तुले हुए हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही में बने गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी नीतियां भारतीय मूल्यों पर हमला करने और हजार वर्ष पुरानी विचारधारा, सिद्धांतों और परंपराओं को नष्ट करने तक सीमित हैं जो सभी को एकजुट करने का काम करती हैं।
हाल ही में मध्य प्रदेश के बीना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान इंडिया गठबंधन को घमंडिया बताने के पीछ तर्क देते हुए कहा था कि एक तरफ आज का भारत दुनिया को जोड़ने का सामर्थ्य दिखा रहा है। दुनिया के मंचों पर भारत विश्व-मित्र के रूप में सामने आ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे दल भी हैं, जो देश को, समाज को विभाजित करने में जुटे हैं। इन्होंने मिलकर के एक इंडी-अलायंस बनाया है। इस इंडी-अलायंस को कुछ लोग घमंडिया गठबंधन भी कहते हैं। इनका नेता तय नहीं है, नेतृत्व पर भ्रम है। लेकिन मुझे लगता है कि इन्होंने पिछले दिनों मुंबई में हुई मीटिंग में इस गठबंधन ने अपने काम करने की नीति और रणनीति बना ली है। ये इंडी अलायंस की नीति है, ये घमंडिया गठबंधन की नीति है भारत की संस्कृति पर हमला करने की। इंडी अलायंस का निर्णय है, भारतीयों की आस्था पर हमला करो। इंडी अलायंस घमंडिया गठबंधन की नीयत है - भारत को जिन विचारों ने, जिन संस्कारों ने, जिन परंपराओं ने हज़ारों वर्ष से जोड़ा है, उसे तबाह कर दो। जिस सनातन से प्रेरित होकर देवी अहिल्याबाई होल्कर ने देश के कोने-कोने में सामाजिक कार्य किए, नारी उत्थान का अभियान चलाया, देश की आस्था की रक्षा की, ये घमंडिया गठबंधन, ये इंडी-अलायंस उस सनातन संस्कारों को, परंपरा को समाप्त करने का संकल्प लेकर के आया है।
प्रदेश के लोगो में जिस प्रकार से जन आशीर्वाद यात्रा के प्रति आकर्षण देखने को मिला है, उससे कांग्रेस बुरी तरह घबरा गई है। कांग्रेस को लग रहा है कि जनता का झुकाव डबल इंजन सरकार के प्रति है। इसलिए कांग्रेस की ओर से इंडिया गठबंधन की बैठक मध्य प्रदेश में न करने का निर्णय लिया गया है। शायद कांग्रेस को डर है कि कहीं गठबंधन के दूसरे दलों के सदस्य मध्य प्रदेश में आकर जमीनी सच्चाई न देख लें।
कांग्रेस में चल रहे अंतर्कलह पर कटाक्ष करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं में ही एका नहीं है, इनके यहां लट्ठम लट्ठ मचा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी एकजुट है और हम एक बड़े लक्ष्य के लिए काम कर रहे हैं। सनातन का अपमान मध्यप्रदेश की जनता सहन नहीं कर सकती। हजारों हजार साल पुरानी हमारी संस्कृति, हमारे जीवन मूल्य, हमारी परंपराएं, हमारे महापुरुष, सबका अपमान करोगे? I.N.D.I. Alliance यह समझ ले कि उन्होंने हमारी आस्था पर चोट की है, जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












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