MP: इस जिले के हजारों किसानों की अटक सकती है सम्मान निधि, जानें क्यों
श्योपुर के 45000 किसानों ने अपना ईकेवायसी का सत्यापन नहीं करवाया है, इसलिए किसानों की सम्मान निधि अटक सकती है
श्योपुर, 2 जुलाई। श्योपुर के 45000 किसानों की सम्मान निधि पर तलवार लटकी हुई है। ई-केवाईसी जमा नहीं करने की वजह से किसानों को सम्मान निधि मिलने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। हालांकि ई-केवाईसी जमा करने की तारीख 31 जुलाई तक कर दी गई है लेकिन किसान अभी इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं।

श्योपुर जिले के 93000 किसानों को अब तक सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा था लेकिन अब सरकार ने किसानों के लिए ई-केवाईसी सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया है। ई-केवाईसी सत्यापन कराने के बाद ही किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल सकेगा और उनके खातों में सम्मान निधि की रकम पहुंच सकेगी।
किसान नहीं ले रहे हैं ई-केवाईसी सत्यापन करने में रुचि
श्योपुर जिले के 45000 से ज्यादा किसानों ने तो ई-केवाईसी सत्यापन करा लिया है लेकिन अभी भी श्योपुर जिले के 45000 किसान ऐसे हैं जिन्होंने अभी ई-केवाईसी का सत्यापन नहीं कराया है। खास बात यह है कि इन किसानों ने ई-केवाईसी सत्यापन कराने को लेकर रुचि भी नहीं देखी जा रही है।
ई-केवाईसी करने के लिए बढ़ा दी गई अंतिम तिथि की तारीख
श्योपुर के 45000 किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी सत्यापन नहीं कराया है। यही वजह है ई-केवाईसी सत्यापन की तारीख को भी सरकार द्वारा बढ़ा दिया गया है। अब ई-केवाईसी सत्यापन की तारीख 31 जुलाई 2022 कर दी गई है। खास बात यह है कि किसान अपने मोबाइल से भी ईृ-केवाईसी का सत्यापन करवा सकते है।
कृषि विभाग किसानों को कर रहा है ई-केवाईसी सत्यापन के लिए प्रेरित
श्योपुर के कृषि विभाग द्वारा उन किसानों को ई-केवाईसी के सत्यापन के लिए प्रेरित किया जा रहा है जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी का सत्यापन नहीं करवाया है। कृषि विभाग के उपसंचालक पी. गुजरे बताते हैं कि किसान सम्मान निधि के लिए चयनित किसानों को ई-केवाईसी सत्यापन करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लक्ष्य को भी निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा, जिससे किसानों को उनकी सम्मान निधि मिल सके।












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