Sagar: जीआईएस सर्वे से खुला अघोषित संपत्तियों का राज, 8 हजार भवन ऐसे जो रिकाॅर्ड में नहीं

सागर, 10 अगस्त। मप्र में सागर नगर निगम शहरवासियों पर करों का बोझ बढ़ा सकता है। निगम बीते दिनों शहर के भवनों सरकारी और निजी संपत्तियों का जियोग्राफिक इंफर्मेशन सिस्टम जीआईएस सर्वे कराया है। इसमें शहर में हजारों की संख्या में ऐसी संपत्ति चिन्हित हुई हैं, जो निगम के रिकाॅर्ड में ही नहीं हैं और न ही इन पर निगम को कोई टैक्स मिलता है। निगम अब इनका वैल्युएशन कराकर जल्द ही इन पर संपत्तिकर लगाने जा रही है।

जीआईएस सर्वे से खुला संपत्तियों का राज, बढे़गा टैक्स

सागर नगर निगम के राजस्व विभाग की टीम शहर में जीआईएस सर्वे में सामने आई संपत्तियों जिनमें निजी और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियां शामिल है उनका भौतिक सत्यापन करने में जुटी है। जानकारी अनुसार नगर निगम सीमा में दर्ज 8 हजार से अधिक संपत्तियां सामने आ जाएंगे जो अभी निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक निगम को राजस्व के रूप में करीब एक करोड़ रुपए सालाना का इजाफा इन संपत्तियों पर टैक्स लगाने से होगा।

अनुमति आवासीय, उपयोग हो रहा व्यावसायिक
सागर शहर में हर साल तकरीबन 100 से 200 नए मकान बनते हैं, इनमें करीब 5 फ़ीसदी ऐसी बिल्डिंग शामिल होती हैं जो मुख्य बाजारों तथा मुख्य मार्गों में स्थित हैं। इन बिल्डिंगों का आवासीय नक्शा पास कराया जाता है, लेकिन इनका व्यावसायिक उपयोग किया जाता है। निगम को कमर्शियल टैक्स की हानि होती है अतः निगम ऐसे भवनों पर नजर रखकर सूचीबदध कर रहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+