Sagar: ‘प्रकृति की गंगधार’ सूखा था बोर, इसलिए खुला छोड़ दिया, अब स्वतः निकल रही जलधारा

सागर, 28 अगस्त। मप्र के सागर जिले के जैसीनगर में दो महीने पहले एक बोर कराया गया था, उस समय काफी गहराई तक बोरिंग करने के बावजूद इसमें पानी नहीं निकला, इसलिए इसे खुला छोड़ दिया गया था। भारी बारिश के बाद चमत्कार हुआ और बीते तीन दिन से इस बोर के गड्ढे से अब स्वतः ही गंगधार निकल रही है।

सूखे बोर को खुला छोड़ दिया था, अब स्वतः बह रही जलधारा

मप्र के सागर जिले में जैसीनगर ब्लाॅक के राजाखोय में एक बोर बीते दो महीने से खुला पड़ा था। इसे ग्राम पंचायत ने नल-जल-योजना के तहत खुदवाया गया था। जून के महीने में जब काफी गहराई तक खुदाई करने के बाद बोर में पानी नहीं निकला तो इसे खाली छोड़ दिया गया। करीब दो महीने बाद जोरदार बारिश के बाद दो दिन पहले बारिश थमते ही इसमें से अपने आप पानी की मोटी धार निकलने लगी। यह लगातार पानी उगल रहा है। इसकी धार की रफ्तार लगातार एक जैसी बनी हुई है।

सूखे बोर को खुला छोड़ दिया था, अब स्वतः बह रही जलधारा

हादसा न हो, इसके लिए किसी ने पत्थर डाल दिए
खुले बोर का गड्ढा हादसों का कारण बन सकता था, इसलिए गांव के किसी व्यक्ति ने इस बोर के खुले गड्ढे में पत्थर भर दिए, हालांकि पत्थर की साइज बड़ी होने के कारण वे पाइप में फंस गए थे, नीचे नहीं गए। बावजूद इसके बोर से पानी का निकलना जारी है, यदि पत्थर नहीं भरे होते तो इसमें और तेजी से पानी निकल सकता था।

कौतूहल का विषय बन गया है यह जलधार
जैसीनगर ब्लाॅक के राजाखोय में नल-जल योजना के तहत पीएचई विभाग के माध्यम से यह बोर कराया गया था। जब इस सूखे बोर से लगातार प्रेशर से पानी निकलने लगा तो गांववालों के लिए यह कौतुहल और उत्सुकता का विषय बन गया है। रोजाना बड़ी संख्या में लोगा इसे देखने पहुंच गए हैं।

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