मेडिकल कॉलेज की लड़ाई सड़कों पर आई, डीन के खिलाफ पंपलेट चिपकाए
सागर के बीएमसी डीन डॉ. आरएस वर्मा के खिलाफ उन्हीं के स्टाफ ने बगावत कर दी है। बीते दिनों तीन-चार मामले सामने आए हैं। अब तो शहर में पंपलेट तक चिपकाए जाने लगे। इसमें डॉ. वर्मा पर हिटलरशाही-तानाशाही के आरोप लगाए गए हैं।

मप्र के सागर का बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज इन दिनों खासा चर्चा में बना हुआ है, कारण है यहां के डॉक्टर, स्टाफ और डीन डॉ. आरएस वर्मा के बीच चल रही तनातनी। प्रबंधन के खिलाफ डॉक्टरों से लेकर निचले स्तर के कर्मचारी तक आरोप लगा रहे हैंं। इतना तक भी ठीक अब तो डीन के खिलाफ शहर में पंपलेट चिपकाकर लोगों का ध्यानाकर्षित किया जा रहा है। ये पंपलेट किसने चिपकाए इसका तो पता नहीं चल सका, लेकिन डीन और प्रबंधन जरुर बचाव की मुद्रा में नजर आ रहा है।
सागर के पुराने कलेक्टोरेट परिसर, सर्किट हाउस की बाहरी दीवार, पंजीयन कार्यालय के सामने सफेद कागज के पंपलेट चिपके हुए हैं। इनमें साफ तौर पर बीएमसी में बीते दिनों की गई भर्तियों सहित उपेक्षित किए जा रहे कर्मचारियों जिनको नौकरी नहीं मिली और जो उपेक्षित हैं, उनका दर्द झलक रहा है। इसमें बिना नाम लिए डीन डॉ. आरएस वर्मा पर आरोप लगाए गए हैं। एक समुदाय व जाति विशेष को नौकरी में प्राथमिकता देने, पैसे लेकर भर्ती करने, डीन के निजी नर्सिंग होम को लेकर टिप्पणी की गई है। पंपलेट किसने चिपकाए, क्यों इस तरह का दुष्प्रचार किया गया, क्यों डीन डॉ. आरएस वर्मा को टारगेट किया गया, इसको लेकर बीते तीन दिन में कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। बहरहाल अंदाजा लगाया जा रहा है कि बीएमसी के अंदर ही डीन कार्यालय से उपेक्षित या परेशान किसी कर्मचारी या अधिकारी ने शरारत या साजिश के तहत इसे चिपकवाया है।
कमिश्नर बंगले और सर्किट हाउस के आसपास चिपके पंपलेट
बता दें कि जिसने भी पंपलेट चिपकाए हैं, उसने बड़ी ही सफाई से इसे कमिश्नर बंगले के पास सर्किंट हाउस की दीवार के बाहर चिपकाए हैं। ताकि कमिश्नर और सर्किट हाउस आने वालों की इन पर नजर पड़ सके। इन पंपलेट में लिखा गया है कि सागर मेडिकल कॉलेज क्यूं बदनाम है...नौकरी में सागरवासी अपात्र, सागरवासियों की अनदेखी, विशेष वर्ग के लोगों को ही मिल रहे रोजगार के अवसर, हिटलर जैसी तनाशाही, पैसे लाओ सीट पाओ, समुदाय विशेष के लोगों को विशेष छूट... इतना सब भी ठीक, पंपलेट में डीन के बेटे के नाम के नर्सिंग होम शिव सागर नर्सिंग होम का नाम लेकर कहा गया है, काम करो शिवसागर नर्सिंगहोम में और सैलरी सरकार से लो...मरीज से फीस नर्सिंग होम में लो और आपरेशन मेडिकल कॉलेज में करो, शर्म लगे तो पिछला रिकॉर्ड उठाओ, शासन-प्रशासन शो रहा है। जागो-सागर जागो, एक्स वाय जेड मंत्रीजी सो रहे हैं।
किसी ने बदनाम करने के लिए शरारत कर पंपलेट चिपकाए हैं
शहर के कुछ हिस्से में पंपलेट चिपकाए जाने की जानकारी मिली है। मुझे बदनाम करने के लिए किसी ने शरारत की है। किसी को शिकायत है या परेशानी है तो सीधे शिकायत करें। इस तरह आरोप लगाने या शरारत करने से क्या हासिल होगा। मुझ पर लगाए जा रहे आरोप मिथ्या और आधारहीन हैं।
-डॉ. आरएस वर्मा, डीन, बीएमसी सागर












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