MP News: शिक्षकों के विरोध के बीच मंत्री का सख्त, ई-अटेंडेंस से कोई नहीं बचेगा, पदोन्नति प्रक्रिया सितंबर से
MP Teachers: राज्य के स्कूल शिक्षकों द्वारा ई-अटेंडेंस सिस्टम का विरोध अब सरकार के सामने आ गया है। इस मुद्दे पर जब राज्य शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से वल्लभ भवन में मिला, तो मंत्री ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया-ई-अटेंडेंस सिस्टम सभी पर लागू होगा, चाहे वह चपरासी हो या जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)।
उन्होंने कहा, "यह व्यवस्था सबके लिए है, इसलिए शिक्षकों को भी इसमें साथ देना होगा।" साथ ही यह भी भरोसा दिलाया कि सितंबर से पदोन्नति की प्रक्रिया नए नियमों के तहत शुरू की जाएगी और शिक्षक हित से जुड़े कई मामलों पर जल्दी निर्णय लिया जाएगा।

क्या है शिक्षकों की आपत्ति?
- राज्य शिक्षक संघ ने मुलाकात में कहा कि:
- ई-अटेंडेंस प्रणाली शिक्षक को "डिजिटल निगरानी" में बांध रही है।
- नेटवर्क, संसाधन और तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे लागू करना जमीनी स्तर पर मुश्किल है।
- शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता मानी जाए।
- अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को सरल किया जाए।
- गुरुजियों, अतिथि शिक्षकों और अध्यापक संवर्ग की लंबित समस्याएं हल हों।
मंत्री ने क्या कहा?
- मंत्री उदय प्रताप सिंह ने शिक्षक संघ की बातों को गंभीरता से सुना और जवाब देते हुए कहा:
- "ई-अटेंडेंस अनिवार्य है। चपरासी से लेकर DEO तक सभी इसमें शामिल होंगे।"
- "अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में जल्द संशोधन होगा। आश्रितों को प्राथमिकता दी जाएगी।"
- "सितंबर से पदोन्नति की प्रक्रिया हर हाल में शुरू की जाएगी।"
- "क्रमोन्नति में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए आयुक्त को निर्देश देंगे।"
- "अतिथि शिक्षकों की भर्ती 1 जुलाई से शुरू होगी।"
अन्य मांगें और मंत्री का रुख
- संघ ने ये मांगें भी रखीं:
- बीएड की अनिवार्यता हटाई जाए।
- शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू हो।
- जनशिक्षकों की प्रतिनियुक्ति में अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष की जाए।
- सातवां वेतन अध्यापक संवर्ग के बचे हुए शिक्षकों को मिले।
मंत्री का आश्वासन
इन मांगों पर विभाग स्तर पर जल्द बैठक कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि "हम शिक्षक समाज का सम्मान करते हैं, लेकिन व्यवस्था का पालन सबको करना होगा।"
राज्य शिक्षक संघ की भूमिका
संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में यह तय किया गया था कि मंत्री से मिलकर सीधे संवाद स्थापित किया जाए। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष जगदीश यादव के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल वल्लभ भवन पहुंचा। संघ ने मंत्री से संवाद को सकारात्मक बताया, लेकिन यह भी साफ किया कि अगर शिक्षक हितों की अनदेखी हुई तो संघर्ष किया जाएगा।
अब आगे क्या?
- ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर शिक्षक संघ जिलों में जनजागरण और विरोध कार्यक्रम चला सकता है।
- सितंबर में शुरू होने वाली पदोन्नति प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
- अतिथि शिक्षक और अनुकंपा नियुक्तियों के लिए प्रस्तावित बदलावों का कार्यान्वयन देखा जाएगा।












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