MP के कॉलेज पाठ्यक्रम में शामिल होंगे रामायण व वेद पुराण, ग्रामीण संस्कृति को जान के लिए गांव घूमेंगे छात्र
MP Education News: मध्य प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में अध्ययनरत शहरी परिवेश के विद्यार्थियों को भारतीय ग्रामों के परिवेश संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने अब उन्हें पास के गांव का दौरा कराया जाएगा।
वहीं भारतीय परंपरा से कॉलेज विद्यार्थियों को अवगत कराने रामायण वेद पुराण और उपनिषद को स्थानक स्टार के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता ने उसे शिक्षा आयुक्त सभी शासकीय विश्वविद्यालय की कुलपति और शासकीय महाविद्यालय की प्राचार्य को पत्र लिखकर इस साल स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में प्राचीन महा ग्रंथ, महाकाव्य, रामायण, वेद-पुराण और उपनिषद को शामिल करने की कार्य योजना तैयार करने को कहा है।
शहरी परिवेश के कॉलेज के विद्यार्थियों को ग्रामीण परिवेश परंपरा और संस्कृति से परिचित कराने उन्हें पास के गांव का भ्रमण करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शासकीय विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के विद्यार्थियों को प्राचीन ज्ञान परंपराओं से अवगत कराने के लिए व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे।
प्लेन, हेलीकॉप्टर उड़ाना सीखेंगे स्टूडेंट
मध्य प्रदेश की जिन शासकीय विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के पास हवाई पट्टी उपलब्ध है। उन में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर और उद्यान संस्थाओं के साथ किए गए मऊ के अनुसार पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम को पाठ्यक्रम में शामिल करने की निर्देश भी एसीएस ने दिए है।
आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के गुर भी सिखाएंगे कॉलेज
कॉलेज में विद्यार्थियों को बाहरी वातावरण के ज्ञान आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के विकास हेतु अवसर प्रदान करने के लिए उनको प्रदेश और मध्य प्रदेश के बाहर स्थित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान इसरो आईएमसी का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा। शासकीय विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में खेल और फिजियोथेरेपी से संबंधित पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।












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