मध्य प्रदेश के 'वैक्सीनेशन रिकॉर्ड' पर गंभीर सवाल, बिना टीका दिए ही मोबाइल पर भेज दिए वैक्सीन लगने के मैसेज
भोपाल, 28 जून: मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना टीकाकरण के मामले में एक हफ्ते में दो रिकॉर्ड बनाने का दावा किया गया है। पहले 21 जून को राज्य में रिकॉर्ड करीब साढ़े 17 लाख लोगों को एक दिन में वैक्सीन लगाई गई। इसके बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश में अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, जो कि एक रिकॉर्ड है। मध्य प्रदेश सरकार के पहले दावे यानी एक दिन में 17 लाख से ज्यादा लोगों को टीका देने के आंकड़े पर सवाल उठ रहे हैं। इसमें कई गड़बड़ी सामने आ रही हैं। ऐसे में राज्य के दूसरे रिकॉर्ड पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है।

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 2 जून को जो टीके देकर रिकॉर्ड बनाया गया है। उसमें ऐसे लोग भी हैं, कभी सेंटर नहीं गए और उनको मैसेज आ गया कि वो वैक्सीन लगवा चुके हैं, वो एक 13 साल का बच्चा भी है। जबकि वैक्सीन लगवाने के लिए किसी की भी उम्र कम से कम 18 साल होना जरूरी है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल के टीला जमालपुरा की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले तेरह वर्षीय वेदांत डांगरे को टीका लगाए जाने का मैसेज उनके पिता के फोन पर भेज दिया गया। मैसेज में वेदांत को कोरोना की डोज मिलने की बात कहते हुए उनकी उम्र 56 साल लिखी गई है। उनके बेटे को सर्टिफिकेट ही इसमें इस्तेमाल किए गए। इसी तरह सतना के चैनेंद्र पांडे को पांच मिनट के भीतर तीन संदेश मिले, जिसमें कहा गया था कि तीन लोगों कटिकराम, कालिंद्री और चंदन को टीका लग गया है। वो इन तीनों को नहीं जानते, उन्हें नहीं पता कैसे उनके नंबर पर ये मैसेज आए।
भोपाल के पीजीबीटी कॉलेज रोड की रहने वाली 46 वर्षीय नुजहत सलीम को भी 21 जून को टीका लगवाने का संदेश मिला । वह पेंशनभोगी नहीं है लेकिन उसकी पहचान के प्रमाण के तौर पर पेंशन के दस्तावेज दर्ज हैं। उनका कहना है कि उन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई लेकिन मैसेज आया मिला कि आपको टीका लग गया है।
रतलाम के प्रेम पांड्या ने टीकाकरण स्लॉट बुक किया लेकिन तारीख नहीं मिल पाई। फिर 2 जून को उनको मैसेज आ गया कि उनको टीका मिल गया है। ऐसे ही मैसेज और भी कई लोगों को मिले हैं, जिनको टीका वास्तव में नहीं लगा है।












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