उज्जैन में सफाई मित्र सम्मेलन में बोलीं द्रौपदी मुर्मू, कहा-'स्वच्छ भारत के लिए राष्ट्रव्यापी प्रयास जरूरी'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उज्जैन में सफाई मित्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के स्वास्थ्य और विकास के लिए स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लगातार सात वर्षों तक स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए इंदौर की प्रशंसा की और भोपाल को सबसे स्वच्छ राज्य की राजधानी बताया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि स्वच्छता कार्यकर्ताओं को सम्मानित करना खुद को सम्मानित करने जैसा है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे भारत को स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन महात्मा गांधी के स्वच्छता के आदर्शों पर आधारित है और पिछले एक दशक में इसे एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप मिल चुका है। जिससे जनता के स्वच्छता के प्रति व्यवहार में बदलाव आया है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मिशन के तहत 11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है और 2.25 लाख सामुदायिक स्वच्छता परिसर भी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों से महिलाओं की गरिमा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में सुधार हुआ है।
उन्होंने बालिका छात्राओं के लिए अलग शौचालयों की उपलब्धता का भी जिक्र किया। जिसका साक्षरता दर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इस मिशन के कारण बाल मृत्यु दर में कमी आई है और ग्रामीण परिवारों की स्वास्थ्य लागत में औसतन 50,000 रुपए की कमी आई है।
राष्ट्रपति ने इंदौर की लगातार स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान और भोपाल को सबसे स्वच्छ राज्य की राजधानी के रूप में मान्यता मिलने पर मध्य प्रदेश की सराहना की। उन्होंने स्वच्छता कार्यकर्ताओं को राष्ट्र निर्माण के अग्रिम पंक्ति के योद्धा बताते हुए कहा कि उनका योगदान सार्वजनिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने पांच स्वच्छता कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया और उज्जैन और इंदौर के बीच छह लेन की सड़क के निर्माण की आधारशिला रखी। जिसकी अनुमानित लागत 1,692 करोड़ रुपए है।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बाद में राष्ट्रपति मुर्मू ने महाकालेश्वर मंदिर का दौरा किया और पटेल और यादव के साथ सफाई अभियान में भाग लिया। इंदौर में उन्होंने रेजिडेंसी कोठी परिसर में कदंब के पौधे का रोपण किया। जबकि पटेल और यादव ने क्रमशः रुद्राक्ष और पारिजात के पेड़ लगाए।












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