MP News: कोरोना संक्रमण से दूसरी मौत, इंदौर में 9 माह की गर्भवती महिला ने अस्पताल में कैसे तोड़ा दम, जानिए
MP News corona: मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में इस वर्ष कोरोना से दूसरी मौत का मामला सामने आया है। यह घटना खरगोन जिले की एक 45 वर्षीय गर्भवती महिला के साथ हुई, जो डिलीवरी के लिए इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती थी।
महिला को गंभीर स्थिति में भर्ती किया गया था, जहां सिजेरियन ऑपरेशन (LSCS) के दौरान हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। बाद में उसकी RT-PCR रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी हालत, दौरे पड़ने लगे
गुरुवार को डिलीवरी के लिए सर्जरी के दौरान महिला को अचानक तेज दौरे पड़ने लगे और वह बेहोश हो गई। डॉक्टरों ने तुरंत उसे इंट्यूबेशन पर रखा, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। बाद में जब उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट आई, तो वह पॉजिटिव पाई गई।
हालांकि, इंदौर जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस मौत को कोविड से नहीं, बल्कि ऑपरेशन के दौरान उत्पन्न जटिलताओं से जुड़ा बताया है।
प्रदेश में कोरोना के ताजा आंकड़े: अब तक कुल मामले: 53
- सक्रिय केस: 32
- कोरोना से मौतें: 2 (21 अप्रैल और अब जून की घटना)
भोपाल में भी बढ़े मामले, अब तक 9 संक्रमित
राजधानी भोपाल में भी कोरोना संक्रमण के मामले धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने जानकारी दी कि शहर में अब तक 9 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 4 केस वर्तमान में सक्रिय हैं और एक मरीज गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती है। अप्रैल में 1, मई में 3 और जून में अब तक 5 केस सामने आ चुके हैं।
इंदौर में अब तक 38 केस, 8 बाहर से आए
इंदौर में इस साल अब तक 38 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 8 मरीज दूसरे राज्यों या शहरों से आए थे या फिर बाहर से आए मरीजों के संपर्क में थे। उनकी ट्रैवल हिस्ट्री में यूके, सिंगापुर, गोवा, दिल्ली, केरल, रायपुर, पुणे, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहर शामिल हैं।
देश में मिले कोविड के चार नए वैरिएंट
- आईसीएमआर (ICMR) के निदेशक डॉ. राजीव बहल ने हाल ही में बताया कि भारत में कोविड के चार नए वैरिएंट पाए गए हैं:
- LF.7
- XFG
- JN.1 (भारत में सबसे सामान्य)
- NB.1.8.1
विशेष रूप से NB.1.8.1 वैरिएंट में ऐसे म्यूटेशन (A435S, V445H, T478I) हैं जो इसे अन्य वैरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलने में सक्षम बनाते हैं। इसके अलावा, इस पर पूर्व में बनी इम्यूनिटी का असर भी कम होता है, जिससे यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
भारत में कोविड वैरिएंट वितरण:
- JN.1 - 50% से अधिक मामलों में
- BA.2 - 26%
- ओमिक्रॉन सबलाइनेज - 20%












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