SAGAR : पाकिस्तान की जेल से 23 साल बाद रिहा होकर लौटे प्रहलाद सिंह राजपूत ने सुनाई खौफनाक दास्तां
सागर, 31 अगस्त। मध्य प्रदेश के सागर जिले के गांव घोसी पट्टी के एक राजपूत परिवार में 23 साल बाद खुशियां लौटी है। अगस्त में ही दीवाली का सा माहौल है। दरअसल, इस परिवार का लापता बेटा प्रहलाद सिंह राजपूत 23 साल बाद मिल गया है। प्रहलाद की पाकिस्तान की जेल से सकुशल वतन वापसी हुई है।

प्रहलाद सिंह राजपूत पता नहीं कैसे पहुंचा पाकिस्तान?
23 साल पहले प्रहलाद सिंह राजपूत हिन्दुस्तान का बॉर्डर लांघकर कैसे पाकिस्तान पहुंचा यह तो अभी भी रहस्य बना हुआ है कि खुद प्रहलाद की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं कि करीब ढाई दशक पुराना वो वाक्या याद करके बता सके। हालांकि उसके घर लौटने की पूरी कहानी काफी दिलचस्प है।
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पीओके से गिरफ्तार हुआ प्रहलाद सिंह
मीडिया से बातचीत में सागर जिले के एसपी अतुत सिंह ने प्रहलाद सिंह राजपूत की पाकिस्तान से वापसी की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जानकारी मिली है कि प्रहलाद सिंह साल 1991 में लापता हो गए थे। पता नहीं वो किस तरह से पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके में पहुंच गए। वहां से पाकिस्तान ने उन्हें गिरफ्तार किया और जेल में डाल दिया।

2014 में परिजनों को लगी सूचना
प्रहलाद के भाई वीर सिंह राजपूत बताते हैं कि 1991 में भाई अचानक लापता हो गया था। हमने उसकी खूब तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं लगा। साल 2014 में सूचना लगी कि प्रहलाद पाकिस्तान की जेल में बंद हो सकते हैं। हमने सूचना पुख्ता करने के लिए पूरी कोशिश की। पता चला कि वे रावलपिंडी जेल में बंद है।

सात साल के प्रयास लाए रंग
प्रहलाद के पाकिस्तान जेल में होने का पता लगने के बाद परिजनों ने भारत सरकार से सम्पर्क किया और उनकी वतन वापसी की गुहार लगाई। करीब सात साल के प्रयास के बाद महीनेभर पहले उम्मीद जगी कि अब जल्द ही प्रहलाद की पाकिस्तान से जेल से रिहाई होने वाली है। आखिर 30 अगस्तकी शाम को प्रहलाद हिन्दुस्तान लौटा आया।

सागर पुलिस भी गई साथ
सागर पुलिस प्रशासन ने भी राजपूत परिवार की पूरी मदद की। सागर जिले के गौरमाझर पुलिस थाने के एसआई अरविंद सिंह, कांस्टेबल अनिल सिंह के साथ प्रहलाद के भाई वीर सिंह बाघा-अटारी बॉर्डर पहुंचे। इसी रास्ते से प्रहलाद को पाकिस्तान रेंजर्स लेकर आए और भारतीय सेना के अधिकारियों को सुपुर्द कर दिया। अब प्रहलाद के सागर पुलिस व वीर सिंह के साथ मंगलवार दोपहर तक घर पहुंचने की उम्मीद है।

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीयों की हालत खराब
बताया जा रहा है कि प्रहलाद को पाकिस्तान की जेल में काफी टॉर्चर किया गया है। उसकी मानसिक हालात पहले से ज्यादा खराब हो गई। अब वह आपबीती बताने तक की स्थिति में नहीं है। भाई की ऐसी हालत देख छोटे भाई की आंखें भर आई। पता चला है कि पाकिस्तान की जेल में प्रह्लाद के साथ ही भारत के अन्य 21 कैदी भी थे। उनकी हालात बहुत चिंताजनक है। भारत सरकार को उनके रिश्तेदारों के बारे में कोई जानकारी नहीं होने से उनकी वपन वापसी नहीं हो पा रही।












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