MP News: सेना का अपमान या सत्ता का घमंड? कर्नल सोफिया कुरैशी और सेना पर उमंग सिंघार का तीखा सवाल

MP News: मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों एक बार फिर गरमा गई है-मामला न तो केवल किसी विवादित बयान का है, और न ही सिर्फ़ सियासी आरोप-प्रत्यारोप का। इस बार सवाल सीधे तौर पर भारत की सशस्त्र सेनाओं की गरिमा और एक महिला सैन्य अधिकारी के सम्मान का है।

मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी, और उसके बाद उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के सेना को लेकर दिए गए बयान ने प्रदेश की सियासत में भूकंप ला दिया है।

Political storm over statements of Vijay Shah and Jagdish Deora in mp question by Umang Singhar

अब यह विवाद केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विधानसभा से लेकर सड़क तक और प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर प्रदर्शन तक, कांग्रेस ने इस मुद्दे को पूरी ताक़त से उठाया है।

कांग्रेस का तीखा हमला: 'सेना का अपमान राष्ट्र का अपमान है'
आज राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय में एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) सदस्य कमलेश्वर पटेल और अन्य वरिष्ठ विधायकों ने भाग लिया।

उमंग सिंघार ने क्या कहा?

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेसवार्ता की शुरुआत में सीधे और दो टूक कहा: "विजय शाह ने सेना की महिला अधिकारी का अपमान किया, लेकिन उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा तो पूरी सेना का अपमान कर बैठे।"

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार आज तानाशाही के रास्ते पर चल रही है। "जनप्रतिनिधियों और आमजन की भावनाओं की कोई कद्र नहीं बची है। सवाल यह है कि विजय शाह के बयान पर मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व चुप क्यों हैं?

क्या ये मौन समर्थन है?"

उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री को तुरंत विजय शाह से इस्तीफा लेना चाहिए, और अगर नहीं लेते, तो इसका मतलब है कि वह इस बयान का समर्थन कर रहे हैं। कमलेश्वर पटेल का पलटवार: 'महिला सैन्य अधिकारी का अपमान तीन स्तरों पर हमला'

CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा: "विजय शाह ने भारत की बहादुर बेटी, कर्नल सोफिया कुरैशी, पर भद्दी और आपत्तिजनक टिप्पणी की। यह न सिर्फ भारतीय सेना, बल्कि उसकी सेक्युलर परंपरा और महिला सशक्तिकरण पर सीधा हमला है।" उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी एक संकीर्ण मानसिकता और सत्ता के अहंकार को दर्शाती है, जिसे भाजपा नेतृत्व खुलकर संरक्षण दे रहा है।

प्रदर्शन, पुतला दहन और पुलिस की कार्रवाई

प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय शाह का पुतला दहन कर विरोध जताया। लेकिन जैसे ही प्रदर्शन ने ज़ोर पकड़ा, सरकार ने पुलिस के ज़रिए कांग्रेस विधायकों को रोकने की कोशिश की।

उमंग सिंघार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: "जब हमने राज्यपाल से मुलाकात की, उन्होंने जवाब देने का आश्वासन दिया, लेकिन जब कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई तो हमें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा। उस पर भी हमें पुलिस के ज़रिए रोका गया - क्या यह लोकतंत्र है?"

विधायकों की मौजूदगी: कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, प्रेस वार्ता और विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई विधायक मौजूद थे:

राजेन्द्र सिंह, आरिफ मसूद,सोहम वाल्मीकि, सुनील उईके, दिनेश जैन बॉस, एससी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, प्रदेश प्रवक्ता आनंद जाट सहित अनेक नेता इसमें शामिल रहे। यह कांग्रेस की ओर से स्पष्ट संकेत था कि यह मुद्दा अब केवल विरोध के लिए नहीं, बल्कि मूल्य आधारित राजनीति का हिस्सा बन चुका है।

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल

  • कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर भी तीखे सवाल खड़े किए।
  • "क्या इन मंत्रियों की बातों से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहमत हैं? अगर नहीं, तो अब तक दोनों को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया?" - उमंग सिंघार

राजनीतिक विश्लेषण: यह सिर्फ बयान नहीं, चुनावी मुद्दा भी बन सकता है

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सेना, राष्ट्रवाद और महिला सम्मान जैसे संवेदनशील विषयों पर इस तरह के बयान न केवल राजनीतिक दल की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि विपक्ष के लिए एक बड़ा मुद्दा भी बन जाते हैं। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों की सरगर्मियाँ जैसे-जैसे तेज़ होंगी, यह मामला भाजपा के लिए मुश्किल खड़ा कर सकता है।

सेना के सम्मान पर कोई समझौता नहीं

भारतीय सेना केवल एक संस्था नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। जब कोई जनप्रतिनिधि - विशेषकर मंत्री पद पर बैठा व्यक्ति - सेना या उसकी किसी अधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता है, तो वह केवल एक व्यक्ति का नहीं, पूरे देश का अपमान करता है। अब देखना यह है कि क्या भाजपा नेतृत्व अपने मंत्रियों के बयानों पर कार्रवाई करता है या इस राजनीतिक आग को और भड़कने देता है।

रिपोर्ट: [एलएन मालवीय]

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