नीमच में सिविल ड्रेस में पहुंची पुलिस ने महिला को घसीटा: बैंक लूट केस में आरोपी से पूछताछ करने गई थी पुलिस
Neemuch News: नीमच जिले के जीरन क्षेत्र में बैंक लूट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर उसकी मां ने आरोप लगाया है कि उन्होंने उसके साथ मारपीट की। यह घटना रविवार सुबह हुई, जब सिविल ड्रेस में पुलिस टीम ने सोनू उर्फ कलर के घर पर दबिश दी।
18 सितंबर को चीताखेड़ा गांव में एक बैंक में दिनदहाड़े लूट हुई थी। इस मामले में आरोपी सोनू उर्फ कलर का नाम सामने आया था, जिसके खिलाफ राजस्थान में आठ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, लूट और अवैध हथियार रखने के गंभीर आरोप शामिल हैं। रविवार की सुबह करीब 6:30 बजे, जीरन थाना पुलिस सोनू के घर पहुंची ताकि उससे पूछताछ की जा सके।

विवादास्पद स्थिति
पुलिस ने जब सोनू को अपने साथ ले जाने का प्रयास किया, तो उसकी मां ने इसका विरोध किया। पुलिस की ओर से यह दावा किया गया कि किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की गई, लेकिन महिला का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसे जमीन पर घसीटा और पेट पर लात मारी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है, जिसमें पूरी स्थिति कैद हो गई है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि उनकी कार्रवाई उचित थी, और उन्होंने किसी भी प्रकार की अनधिकृत कार्रवाई से इनकार किया। जीरन थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए उनकी यह कार्रवाई आवश्यक थी, क्योंकि वह कई गंभीर मामलों में फरार था।
मां की दलील
आरोपी की मां ने बताया कि वह घर में घुसे लोगों को पहचान नहीं पाई, और उन्हें सादे कपड़ों में देखकर उन्हें सामान्य लोग समझा। उन्हें यह भी नहीं पता था कि वह पुलिसकर्मी हैं। जब वह थाने पहुंची तो उसे पता चला कि उसके बेटे को पुलिस ले जा रही थी।
घटना का घटनाक्रम
वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कुछ लोग, जिनमें से कुछ ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था, सोनू के घर के बाहर खड़े थे। जैसे ही दरवाजा खुला, ये लोग अंदर घुस गए और युवक को पकड़ने लगे। इस दौरान सोनू की मां यशोदा ने विरोध किया, लेकिन टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।
यशोदा ने बताया, "सुबह 6:30 बजे कुछ लोग आए, जिन्होंने गेट बजाया। मैंने दरवाजा खोला, तो वे अंदर घुस गए और धक्का-मुक्की करते हुए मेरे साथ मारपीट की। मुझे घसीटकर बाहर ले गए। कुछ लोग अंदर गए और मेरी बहू से भी बदतमीजी की। मुझे तब पता चला कि ये पुलिस वाले हैं जब हम शिकायत दर्ज कराने थाने गए।"
पुलिस का स्पष्टीकरण
घटना के बाद, पुलिस अधिकारियों ने पहले चुप्पी साध रखी थी, लेकिन जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, उन्होंने स्पष्टीकरण जारी किया। नीमच एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया ने कहा कि सोनू राजस्थान पुलिस के रिकॉर्ड में फरार वारंटी है।
उन्होंने कहा, "18 सितंबर को जीरन थाने में बैंक लूट और फायरिंग की घटना हुई थी। पुलिस टीम ने इस मामले में सोनू के शामिल होने की आशंका के चलते उसके घर पर दबिश दी। जब पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो उसकी मां ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस ने उनसे कोई अभद्रता नहीं की है, और कार्रवाई विधि संगत थी।"
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में नाराजगी पैदा की है, और सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस को बिना महिला पुलिसकर्मी के इस तरह की कार्रवाई करनी चाहिए थी। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या पुलिस अपनी कार्यप्रणाली में कोई बदलाव लाएगी।












Click it and Unblock the Notifications